छात्रों से मुलाकात, सरकार को सीधी चेतावनी
लोकवाहिनी, संवाददाता
नागपुर। पुणे में आयोजित एक संवाद कार्यक्रम में, एक आदिवासी छात्रा ने राहुल गांधी के समक्ष पुणे के मंजरी में चल रही आदिवासी छात्रों की भूख हड़ताल और उनकी मांगों को लेकर अपना दुख व्यक्त किया। इस पर राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ खड़े होने का रुख अपनाया और विरोध प्रदर्शन में शामिल होते हुए कहा, मुझे भी वहां आमंत्रित कीजिए, मैं आकर आपके साथ बैठूंगा। इसके बाद, विधायक रोहित पवार ने नागपुर में चल रहे प्रदर्शन में पहुंचकर अपना समर्थन जताया। उन्होंने राज्य सरकार को सीधी चेतावनी भी दी है। आदिवासी समुदाय के छात्रों की मांगों के लिए संघर्ष दिन-प्रतिदिन तीव्र होता जा रहा है। रोहित पवार ने कहा मई नागपुर में ‘विदर्भ और नागपुर आदिवासी विद्यार्थी संघ की ओर से आयोजित भूख हड़ताल में भाग लिया और उनका बयान स्वीकार करते हुए उपस्थित छात्रों से बातचीत की। मैं आदिवासी समुदाय के छात्रों के मुद्दे पर गंभीरता से विचार कर रहा हूं और मुझे उम्मीद है कि सरकार आज की बैठक में इस पर सही निर्णय लेगी। हालांकि, यदि सरकार इसे नजरंदाज करती है, तो मैंने उन्हें आश्वासन दिया कि मैं पूरी ताकत से छात्रों के संघर्ष में शामिल होऊंगा। इस अवसर पर सुनील भुसारा, रविकांत वरपे, दुनेश्वर पैठे, राष्ट्रवादी आदिवासी प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष जयवंत वनोले, रविकांत बोपचे और अन्य छात्र उपस्थित थे।
मुख्य मांग
इन छात्रों की मुख्य मांग यह है कि जनजातीय विकास विभाग द्वारा 5 अगस्त, 2026 को जनजातीय छात्रावास के संबंध में जारी किया गया सरकारी संकल्प (जीआर) तत्काल रद्द किया जाए, क्योंकि यह छात्रों के हित में नहीं है। आंदोलनकारी बच्चों का कहना है कि इसमें आयु संबंधी शर्तें और शैक्षणिक ब्लॉक की शर्तें अमानवीय और दमनकारी हैं। गढ़चिरोली स्थित जनजातीय अक्षमशाला में सांप के काटने से जान गंवाने वाली तीन लड़कियों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जानी चाहिए। साथ ही, यह भी मांग है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सरकार सभी जनजातीय छात्रावासों और आश्रम विद्यालयों में बच्चों के लिए 10 करोड़ रुपये का बीमा कराए।
सोमवार से प्रदर्शन फिर भड़का
शनिवार को राज्य सरकार के फैसले के खिलाफ आदिवासी छात्रों के चल रहे विरोध प्रदर्शन को स्थगित करने की घोषणा के बावजूद, सोमवार से यह प्रदर्शन फिर से भड़क उठा है। जैसे ही छात्रों ने दोबारा विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया, विदर्भ से हजारों आदिवासी छात्र नागपुर में जमा हो गए। शनिवार को भाजपा आदिवासी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व विधायक डॉ. देवराव होली ने विरोध स्थल का दौरा किया। इस दौरान, आक्रोशित छात्रों ने सरकार के फैसले समेत अपनी विभिन्न मांगों को लेकर उनसे सवालों की बौछार कर दी।












