मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को कहा कि ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी कोई चीज़ नहीं होती और पुलिस या सीबीआई अधिकारी बनकर वीडियो कॉल करने वाले व्यक्ति से लोगों को घबराना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि साइबर धोखाधड़ी के मामलों में तुरंत साइबर हेल्पलाईन पर सूचना देनी चाहिए, क्योंकि ठगी की रकम वापस मिलने की संभावना इस बात पर निर्भर करती है कि इसकी सूचना कितनी जल्द दी जाती है। गृह विभाग का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे फडणवीस ने राज्य पुलिस की साइबर इकाई द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में डिजिटल अरेस्ट नामक एक लघु फिल्म तथा ‘साइबर एंथ्म’ (साइबर जागरूकता गान) जारी किया। उन्होंने कहा, डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई चीज़ नहीं होती। उन्होंने यह भी बताया कि साइबर ठगी के तुरंत बाद का समय, जिसे शुरुआती महत्वपूर्ण घंटे कहा जाता है, पैसे वापस पाने के लिए बहुत ज़रूरी होता है। उन्होंने कहा, अगर इस दौरान शिकायत की जाती है, तो रकम को (अंतरित किये जाने या निकासी से) रोकने या उसे वापस पाने की संभावना ज़्यादा होती है।
August 27, 2026
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डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई चीज़ नहीं होती
by Digital Desk
लोकवाहिनी, संवाददाता मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को कहा कि ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी कोई चीज़ नहीं होती और पुलिस या सीबीआई अधिकारी बनकर वीडियो कॉल करने वाले व्यक्ति से लोगों को घबराना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि साइबर धोखाधड़ी के मामलों में तुरंत साइबर हेल्पलाईन पर सूचना देनी चाहिए, क्योंकि ठगी की... Read More














