मुंबई। नीट समेत कुछ अन्य परीक्षाओं के पेपर लीक होने के मामले सामने आ रहे हैं। नीट परीक्षा का पेपर लीक होने की बात सामने आने के बाद यह परीक्षा रद्द करके एक बार फिर नीट की परीक्षा आयोजित की गई थी। इस बीच इसे लेकर देशभर में माहौल गरमाया हुआ है, वहीं अब महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (एमपीएससी) की ओर से बड़ा फैसला लिया गया है। फूड एंड ड्रग्स विभाग में ड्रग्स इंस्पेक्टर ग्रुप बी पद की भर्ती के लिए आयोजित की गई परीक्षा रद्द कर दी गई है। पेपर में अनियमितता और पेपर लीक होने का आरोप लगने के बाद इस मामले की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच द्वारा शुरू की गई थी। इस जांच में कई चौकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि परीक्षा शुरू होने से पहले ही एक विद्यार्थी के पास इस परीक्षा का प्रश्नपत्र पहुंच गया था। इसके बाद अब सरकार ने यह परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया है। ड्रग इंस्पेक्टर ग्रुप बी भर्ती के लिए महाराष्ट्र सरकार ने 29 जुलाई 2025 को विज्ञापन प्रकाशित किया था। इसके बाद मार्च 2026 में स्क्रीनिंग परीक्षा का आयोजन किया गया था। यह परीक्षा राज्य के छह विभागीय मुख्यालयों में आयोजित की गई थी।
पेपर लीक का आरोप होने के बाद बड़ा फैसला
यह परीक्षा ऑफलाइन तरीके से ली गई थी। हालांकि इस परीक्षा में गड़बड़ी होने और पेपर लीक होने की शिकायतें प्राप्त हुई थीं। कुछ विद्यार्थियों के पास परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र पहुंचने का आरोप लगाया जा रहा था। विद्यार्थियों द्वारा लगाए जा रहे आरोपों की पृष्ठभूमि में महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग की ओर से इस संबंध में 27 जुलाई को मुंबई पुलिस आयुक्त के पास शिकायत दर्ज कराई गई थी। पुलिस की प्राथमिक जांच में पाया गया कि परीक्षा शुरू होने से पहले ही एक विद्यार्थी के पास इस परीक्षा का प्रश्नपत्र पहुंच गया था, और उसे इसका इस परीक्षा में फायदा भी हुआ। इसके बाद अब महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग ने यह परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया है। (पेज 6 पर)
अपर सचिव गिरफ्तार
महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग के अपर सचिव को भी इस परीक्षा घोटाले में गिरफ्तार किए जाने से हड़कंप मच गया है। इतने बड़े अधिकारी की गिरफ्तारी होने के कारण यह किसी बड़े रैकेट का हिस्सा होने की आशंका जताई जा रही है। इस पेपर लीक में एक लव एंगल भी सामने आया है। परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था के अधिकारी ही भ्रष्ट होने की बात भी इस बहाने सामने आई है। इस पेपर लीक को लेकर विपक्ष ने नाराजगी जताई है। वहीं हजारों परीक्षार्थियों का मनोबल कम हुआ है। दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए, ऐसी मांग पर जोर दिया जा रहा है। औषधि निरीक्षक पेपर लीक मामले में एमपीएससी के अपर सचिव को भी गिरफ्तार किया गया है। प्रेम संबंध के कारण औषधि निरीक्षक पद का पेपर लीक होने का दावा किया जा रहा है, हालांकि इसे इस पेपर लीक का एक हिस्सा माना जा रहा है। क्योंकि इस पेपर को 40 लाख में बेचने का आरोप विधायक रोहित पवार ने लगाया है। पेपर लीक होने का आरोप लगाने वाले गौरव पाटिल की भूमिका भी संदिग्ध है। एमपीएससी के दो सहायक कक्ष अधिकारियों को भी गिरफ्तार किया गया है। सहायक कक्ष अधिकारी गोपाल मराठे और विश्वेश्वर नकाते को भी गिरफ्तार किया गया है। परीक्षार्थी ऋतुजा पाटिल, उसके पिता और पेपर लीक के सूत्रधार अमृत पाटिल को भी गिरफ्तार किया गया है। गौरव पाटिल को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। गौरव पाटिल की भूमिका संदिग्ध है।














