होली से ईद तक, आईएएस तुकाराम ने बनाये नियम
लोकवाहिनी, संवाददाता
मुंबई। कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी के रूप में पहचान रखने वाले अधिकारी तुकाराम मुंढे ने खाद्य और औषधि प्रशासन के आयुक्त पद का कार्यभार संभालने के बाद फैसलों की झड़ी लगा दी है। आज हुई पत्रकार परिषद में तुकाराम मुंढे ने सार्वजनिक स्थानों पर आयोजित की जाने वाली पंगत के लिए नई नियमावली घोषित की है। किसी भी स्थान पर पंगत या भोजन का कार्यक्रम या शादी के भोजन के लिए कैटरर्स के पास कार्यक्रम से सात दिन पहले एफडीए के अधिकारियों की अनुमति लेना जरूरी होगा। त्योहारों का सीजन आते ही मार्केट में मिठाइयों और खाने-पीने की चीजों की डिमांड अचानक बढ़ जाती है। इसी डिमांड का फायदा उठाकर कुछ वेंडर्स मिलावटी सामान बेचने लगते हैं। अब तक होता यह था कि हर त्योहार से ठीक पहले प्रशासन अलग से एडवाइजरी या आदेश जारी करता था। लेकिन अब महाराष्ट्र एफडीए ने इस लास्ट मिनट अप्रवल वाले कल्चर को खत्म कर दिया है। 3 सितंबर से एक इंटीग्रेटेड ईयर-लॉन्ग एक्शन प्लान लागू कर दिया गया है जो जनवरी से दिसंबर तक आने वाले सभी छोटे-बड़े पर्वों पर बराबर लागू होगा।
शादी के भोजन के लिए अनुमति लेनी होगी
भंडारा, लंगर, इफ्तार पार्टी, महाप्रसाद और शादी में भोजन के लिए खाद्य और औषधि प्रशासन ने नई नियमावली घोषित की है। खाद्य और औषधि प्रशासन के आयुक्त तुकाराम मुंढे ने यह निर्णय लिया है। सामूहिक भोजन आयोजित करते समय आयोजक को 7 दिन पहले अनुमति लेनी होगी। महत्वपूर्ण बात यह है कि शादी के भोजन के लिए भी यह अनुमति लेनी होगी और यह अनुमति कैटरर्स लेंगे। कैटरर्स को कच्चा माल कहां से लिया गया, इसकी जानकारी देनी होगी। कैटरर्स के लिए नियम सामने आई जानकारी के अनुसार, शादी के लिए आवश्यक अनुमति में दूल्हा-दुल्हन या उनके माता-पिता शामिल नहीं होंगे। यह अनुमति केवल शादी में भोजन बनाने वाले कैटरर्स के लिए होगी। कैटरिंग करने वाले को संबंधित भोजन के लिए सामान कहां से खरीदा गया, इसकी जानकारी देनी होगी। किसी भी कार्यक्रम पर प्रतिबंध लगाना उद्देश्य नहीं है, बल्कि भोजन की सुरक्षा ही उद्देश्य है, ऐसा तुकाराम मुंढे ने स्पष्ट किया है। दूध, खोवा, पनीर, घी, मिठाई, सूखे मेवे, बर्फ, पानी, खाद्य रंग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ मामले दर्ज किए जाएंगे, ऐसी जानकारी भी मुंढे ने दी है।
त्योहारों के लिए खास नियम
महाराष्ट्र खाद्य और औषधि प्रशासन (एफडीए) ने राज्य के नागरिकों को त्योहारों के दौरान सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन मिले, इसके लिए बड़ा निर्णय लिया है। ईद, होली और बकरी ईद से लेकर गणेशोत्सव, नवरात्रि और दिवाली तक पूरे वर्ष मनाए जाने वाले विभिन्न त्योहारों की पृष्ठभूमि में खाद्य पदार्थों की जांच और नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए एफडीए ने व्यापक व्यवस्था तैयार की है। तुकाराम मुंढे ने बताया कि, ‘ईद हो या दिवाली, त्योहारों के दौरान नागरिकों को सुरक्षित और स्वस्थ भोजन मिलना चाहिए।’ महाराष्ट्र में ‘सेफ फूड अंड सेफ ड्रग’ की अवधारणा लागू की जा रही है, और त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की मांग बड़े पैमाने पर बढ़ जाती है। इसलिए इस दौरान भोजन की गुणवत्ता प्रभावित होने की संभावना होती है। इसलिए 3 सितंबर से पूरे वर्ष के त्योहारों को ध्यान में रखते हुए खाद्य सुरक्षा कार्रवाई का विशेष एक्शन प्लान लागू किया जाएगा। इस योजना में किसी एक धर्म के त्योहार के लिए अलग नियम नहीं होंगे। सभी धर्मों के समुदायों के त्योहारों और कार्यक्रमों की एक ही खाद्य सुरक्षा कानून के तहत समान तरीके से जांच की जाएगी।
स्पेशल चेकिंग प्रोटोकॉल
इस नए फ्रेमवर्क की सबसे खास बात यह है कि इसमें हर त्योहार के हिसाब से ट्रेंड होने वाली मिलावट पर पहले से फोकस तय कर लिया गया है :-
मकर संक्रांति: तिलगुळ और गुड़ से बने प्रोडक्ट्स की क्वालिटी पर सख्त नजर रहेगी।
होली और ईद: मालपुआ, खोया और रंग-बिरंगी मिठाइयों की रैंडम टेस्टिंग की जाएगी।
दिवाली और बकरीद: मेवे, तेल, बेकरी आइटम्स और पैकेज्ड फूड्स के सैंपलस चेक किए जाएंगे।
फास्टिंग स्पेशल: नवरात्रि या शिवरात्रि जैसे मौकों पर व्रत के दौरान खाए जाने वाले कुट्टू का आटा, साबुदाना और फलाहारी सामानों की गहन जांच होगी।
क्विक-कॉमर्स एंड ऑनलाइन डिलीवरी: स्विगी, ज़ोमैटो और ब्लिंकिट जैसे प्लेटफॉर्म्स के जरिए डिलीवर होने वाले ऑनलाइन फूड आइटम्स और डार्क किचेन्स भी अब एफडीए की कड़ी निगरानी में रहेंगे।











