नागपुर। शहर में आगामी धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के दौरान बीम लाइट और लेजर बीम लाइट के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। नागपुर पुलिस आयुक्तालय ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 की धारा 163 के तहत यह आदेश जारी किया है।
पुलिस के अनुसार, 4 सितंबर से 1 नवंबर 2026 के बीच गोकुलाष्टमी, दहीहंडी, पोला, तान्हा पोला, ताजुद्दीन बाबा छब्बीसवीं, गणेश प्रतिमा आगमन एवं विसर्जन जुलूस, गणेशोत्सव, धम्मचक्र प्रवर्तन दिन तथा दुर्गादेवी प्रतिमा आगमन-विसर्जन सहित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों के दौरान जुलूस और स्थानीय कार्यक्रमों में बीम लाइट व लेजर बीम लाइट के इस्तेमाल की आशंका को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। पुलिस ने कहा कि तेज बीम और लेजर लाइट की रोशनी से लोगों की आंखों को नुकसान पहुंच सकता है और स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। वहीं, सड़क से गुजरने वाले वाहन चालकों की आंखों पर तेज रोशनी पड़ने से उनका वाहन पर नियंत्रण छूट सकता है। इससे दुर्घटना होने और कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की आशंका रहती है।
इसी को ध्यान में रखते हुए बीम लाइट और लेजर बीम लाइट के मालिकों एवं धारकों के साथ-साथ दहीहंडी, पोला, तान्हा पोला, ताजुद्दीन बाबा छब्बीसवीं, गणेश एवं दुर्गादेवी मंडलों तथा धम्मचक्र प्रवर्तन दिन के आयोजकों को इन उपकरणों का इस्तेमाल नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश के मुताबिक, 3 सितंबर 2026 की रात 12 बजे से 1 नवंबर 2026 की रात 11.59 बजे तक सभी संबंधित लोगों को अपने कब्जे में मौजूद बीम लाइट और लेजर बीम लाइट को सिलबंद स्थिति में रखना होगा। इस अवधि में इनका उपयोग अथवा संचालन नहीं किया जा सकेगा। पुलिस आयुक्तालय ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उद्देश्य त्योहारों के दौरान नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, सड़क दुर्घटनाओं को रोकना और शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।
हिन्दुओं को टारगेट करना छोड़े, 1 जनवरी से क्यों नहीं लगाई बंदी : दटके
भाजपा विधायक प्रवीण दटके ने इस मुद्दे पर विपरीत रुख अपनाते हुए कहा कि कोई भी प्रशासन जो हिन्दुओं को टारगेट करने से बाज आये, अगर डीजे पर बंदी लगाना ही था तो यह निर्णय 1 जनवरी को क्यूं नहीं लिया गया। हिन्दू के त्योहार के समय पुलिस प्रशासन को जनता की कुछ ज्यादा फिक हो रही है। हालांकि, विधायक प्रवीण दटके का रुख अलग है। फेसबुक पर एक पोस्ट में उन्होंने सवाल उठाया, केवल हिंदू त्योहारों का ही विरोध क्यों?, और त्योहारों के दौरान डीजे पर लगाए गए प्रतिबंधों का विरोध जताया। शहर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के भीतर धार्मिक त्योहारों और जुलूसों के दौरान डीजे के उपयोग पर प्रतिबंध को लेकर मतभेद उभर आए हैं, जिसमें पूर्व विधायक संदीप जोशी और भाजपा विधायक प्रवीण दटके ने इस मुद्दे पर विपरीत रुख अपनाते हुए नजर आ रहे हैं।
ध्वनि प्रदूषण को लेकर 30 मिनट में होगी कार्रवाई
ध्वनि प्रदूषण को लेकर मिलने वाली शिकायतों पर चंद मिनटों में निराकरण पर अब कार्रवाई संभव हो सकेगी। इस कार्रवाई को लेकर शिकायतकर्ता नागरिक को मोबाइल पर पूरी जानकारी भी उपलब्ध होगी। महानगरपालिका प्रशासन से ध्वनिमुक्त नागपुर एप्लिकेशन को कियान्वित कर दिया गया है। महानगरपालिका की आईटी अधिकारी स्वप्निल लोखंडे की संकल्पना से पोर्टल और मोबाइल ऐप को तैयार किया गया है। पोर्टल को लेकर मनपा की वेबसाइट पर मोबाइल ऐप में शिकायत करने की सुविधा भी मिलेगी, ध्वनि प्रदूषण पर मिलने वाली शिकायत पर जिम्मेदार पुलिस अधिकारी को 30 मिनट के भीतर कार्रवाई भी अनिवार्य रूप से करना होगा।
पोर्टल पर वीडियो, डेसिबल उल्लंघन समेत फोटो मौजूद होने से जुड़े तथ्यों की जांच भी आसानी से संभव होगी। पुलिस के साथ ही महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल और जिलाधिकारी कार्यालय को भी शिकायतों का ब्योरा उपलब्ध रहेगा। महानगरपालिका की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रदूषणमुक्त नागपुर पोर्टल को जोड़ा गया है। पोर्टल के मुख्य पेज में नागरिकों को इस्तेमाल से पहले स्वयं को नाम, ईमेल, मोबाइल नंबर के साथ रजिस्टर्ड करना होगा। एक बार रजिस्टर्ड होने पर पोर्टल का इस्तेमाल किया जा सकेगा। पोर्टल में शिकायत दर्ज कराने के लिए शिकायत दर्ज कराने के विकल्प पर जाना होगा। शिकायत का स्वरूप (मध्यरात में लाउडस्पीकर, रास्ते पर डीजे समेत अन्य) को दर्ज करना होगा। इसके बाद ध्वनि स्रोत का विकल्प (लाउडस्पीकर, वाहन, निर्माणकार्य, डीजे, कारखाना, पटाखे समेत अन्य) का चयन करना होगा।













