दावा: बुलेटिन ऑफ़ द एटॉमिक साइंटिस्ट्स की रिपोर्ट- भारत के पास 190 परमाणु हथियार और बम 35 बनाने लायक प्लूटोनियम भी
लोकवाहिनी, संवाददाता
नई दिल्ली। बुलेटिन ऑफ़ द एटॉमिक साइंटिस्ट्स (BAS) ने भारत के परमाणु हथियारों पर नई रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत के परमाणु हथियार के भंडार में काफ़ी बढ़ोतरी हुई है। भारत के पास 190 परमाणु हथियार हैं और अगले कुछ सालों में यह 35 और बना सकता है, इस तरह यह संख्या 225 तक पहुंचने की संभावना है। इस रिपोर्ट के अनुसार, भारत समुद्र से परमाणु हमला करने की क्षमता को भी लगातार मजबूत कर रहा है। परमाणु ऊर्जा से चलने वाली बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियों के बेड़े के जरिए भारत समुद्र में अपना न्यूक्लियर कवच बना रहा है। इन 190 परमाणु हथियारों में से 160 से ज्यादा मौजूदा मिसाइलों के लिए हैं, बाकी नई मिसाइलों के लिए तैयार रखे गए हैं। बुलेटिन ऑफ़ द एटॉमिक साइंटिस्ट्स का अनुमान है कि आने वाले समय में भारत के परमाणु हथियारों की संख्या बढ़ सकती है। भारत लगातार अपनी परमाणु ताकत को आधुनिक बना रहा है।
पिछले कुछ वर्षों में कई नए परमाणु सक्षम हथियार सेना में शामिल किए गए हैं। वहीं, कुछ नए हथियार सिस्टम अभी तैयार किए जा रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 2026 की शुरुआत तक भारत के पास करीब 730 किलो हथियार बनाने वाला प्लूटोनियम हासिल कर लेने का अनुमान है। इतने प्लूटोनियम से 225 तक वॉरहेड बनाए जा सकते हैं। हालांकि रिपोर्ट खुद साफ करती है कि यह सिर्फ अनुमान है, वास्तविक संख्या वॉरहेड के डिजाइन और रिजर्व में रखी सामग्री पर निर्भर करती है। बुलेटिन ऑफ़ द एटॉमिक साइंटिस्ट्स की रिपोर्ट में अग्नि-5 को बेहतर बनाने का भी जिक्र है। कहा गया है कि इस मिसाइल में एमआईआरवी तकनीक का परीक्षण किया गया है। इसका मतलब एक मिसाइल में कई ऐसे वॉरहेड ले जाने की क्षमता विकसित करना है, जिन्हें अलग-अलग लक्ष्यों की ओर भेजा जा सकता है। 2024 के बाद मई 2026 में भी कई पेलोड के साथ परीक्षण हुआ। बुलेटिन ऑफ़ द एटॉमिक साइंटिस्ट्स का अनुमान है कि अग्नि-5 संभवतः तीन वॉरहेड ले जा सकती है, हालांकि ऐसा करने पर इसकी अधिकतम रेंज प्रभावित हो सकती है।
भारत के परमाणु हथियारों का डेटा कैसे मिला?
भारत सरकार अपने परमाणु हथियारों के भंडार के आकार के बारे में आंकड़े प्रकाशित नहीं करती है। इसलिए न्यूक्लियर नोटबुक में किए गए विश्लेषण और अनुमान ओपन सोर्स के संयोजन के विश्लेषण से प्राप्त किए गए हैं। इनमें सरकारी स्रोत से प्राप्त डेटा (जैसे सरकारी बयान, गोपनीय दस्तावेज, बजटीय जानकारी, सैन्य परेड और संधि प्रकटीकरण डेटा); गैर-सरकारी स्रोत से प्राप्त डेटा (जैसे मीडिया रिपोर्ट, थिंक टैंक विश्लेषण और उद्योग प्रकाशन) और कॉमर्शियल सैटेलाइट इमेजरी शामिल हैं।












