उच्चस्तरीय समिति गठित, पद्धति में होगा बड़ा बदलाव, मुख्यमंत्री का विद्यार्थियों के प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन
लोकवाहिनी, संवाददाता
मुंबई। महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग अर्थात एमपीएससी में पेपर लीक मामले के कारण पूरे राज्य में हंगामा मचा हुआ है। विद्यार्थियों द्वारा किए गए आंदोलन के बाद अब सरकार को कड़ा कदम उठाना पड़ा। एमपीएससी मुख्य परीक्षा 2025 की रीचेकिंग करने को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंजूरी दे दी है। 2025 के इंटरव्यू को तत्काल स्थगित कर दिया गया है। अब पुनः जांच करके फिर से परिणाम जारी किये जायेंगे। इस इंटरव्यू की जांच के लिए दिशा निर्देश जारी किए जाएंगे। आयोग की परीक्षा पद्धति में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए राज्य सरकार व्यापक सुधार करेगी। इसके लिए उच्चस्तरीय समिति नियुक्त की गई है और यह समिति राज्यभर के विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों से सलाह-मशविरा करेगी, यह जानकारी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दी।
एमपीएससी परीक्षा पद्धति के संबंध में प्रतियोगी परीक्षा शिक्षकों और विद्यार्थियों के प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को मुख्यमंत्री से मुंबई में मुलाकात की थी। इस दौरान परीक्षा प्रक्रिया को अधिकदर्शी, सक्षम बनाने के लिए सरकार प्रयासरत होने की बात फडणवीस ने कही। सामान्य प्रशासन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है, जिसमें यूपीएससी के पूर्व सदस्य, पुलिस महानिदेशक, आईआईटी के प्रोफेसर और अन्य अधिकारियों को शामिल किया गया है। परीक्षा पद्धति में सुधार करते समय केवल प्रशासनिक स्तर पर निर्णय न लेते हुए संबंधित घटकों की राय जानी जाएगी। समिति राज्य के विभिन्न हिस्सों में जाकर प्रतियोगी परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों से चर्चा करेगी। पुणे में भी समिति जाकर विद्यार्थियों की बात सुनेगी।
सोशल मीडिया पर पोस्ट
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोशल मीडिया पर इस संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा, एमपीएससी परीक्षा पद्धति के संदर्भ में प्रतियोगी परीक्षा शिक्षकों और विद्यार्थियों का एक प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को सुबह मुंबई में मिला। इस दौरान उन्होंने कुछ मांगें कीं। इसमें शिक्षक सचिन ढवले, यशवंत सोलाट, धनंजय मते, गणेश कड, उमेश कुडले, विद्यार्थी आंदोलन के कार्यकर्ता निखिल पाटिल सहित प्रतियोगी परीक्षा शिक्षक-विद्यार्थी उपस्थित थे। इस दौरान उन्हें बताया कि अत्यंत पारदर्शी पद्धति विकसित करने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। इस प्रक्रिया को और अधिक कैसे सुदृढ़ किया जा सकता है, इसके लिए राज्यस्तर पर एक उच्चस्तरीय समिति सामान्य प्रशासन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित की गई है। इसमें यूपीएससी के पूर्व सदस्य, पुलिस महानिदेशक, आईआईटी प्रोफेसर और अन्य अधिकारियों को शामिल किया गया है।
विद्यार्थियों के साथ अन्याय नहीं होने देंगे : मुख्यमंत्री
औषधि निरीक्षक पद की परीक्षा में पेपर लीक मामले को सरकार ने गंभीरता से लिया है और पुलिस जांच शुरू है। आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और आयोग के भीतर या बाहर किसी की भी संलिप्तता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ऐसी चेतावनी फडणवीस ने दी। विद्यार्थियों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और परीक्षा व्यवस्था पर विश्वास कायम रखने के लिए आवश्यक सुधार तत्काल किए जाएंगे, ऐसा आश्वासन भी उन्होंने दिया।











