चार जिलों को ऑरेंज अलर्ट
लोकवाहिनी, संवाददाता
नागपुर। विदर्भ के सूखे से जूझ रहे किसानों के लिए कुछ राहत भरी खबर है। बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र बन गया है, जिससे विदर्भ में बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन गई हैं। मानसून ने पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से वापसी शुरू कर दी है। अगले 3 से 4 दिनों में राजस्थान, पंजाब और सौराष्ट्र-कच्छ के कुछ हिस्सों से मानसून की विदाई तेज होने के लिए मौसम अनुकूल बना हुआ है। हालांकि, बंगाल की खाड़ी में बन रहे कम दबाव के क्षेत्र के कारण महाराष्ट्र में एक बार फिर बारिश का जोर बढ़ने की संभावना है। इसका सीधा असर विदर्भ और मराठवाड़ा पर पड़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने 23 सितंबर की शाम से शुरू होने वाले अगले तीन दिनों तक विदर्भ के कई हिस्सों में भारी बारिश की भविष्यवाणी की है।
मौसम विभाग की यह चेतावनी बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। नागपुर मौसम विभाग के वैज्ञानिक प्रवीण कुमार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 23 सितंबर की शाम से पूर्वी और पश्चिमी विदर्भ में अच्छी बारिश होने की संभावना है। 24 और 25 सितंबर को विशेष रूप से गोंदिया, गढ़चिरोली, चंद्रपुर और यवतमाल जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों के कुछ स्थानों पर भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं और बिजली गिरने के साथ बारिश की चेतावनी भी जारी की है। नागरिकों से आवश्यक सावधानी बरतने का आग्रह किया गया है। विदर्भ के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से जारी बारिश ने फसलों के लिए संकट पैदा कर दिया है। जहां एक ओर बारिश की कमी के कारण खरीफ फसलों की वृद्धि रुकने की आशंका थी, वहीं मौसम विभाग के पूर्वानुमान ने किसानों की उम्मीदें फिर से जगा दी हैं। हालांकि, बारिश की मात्रा और उसका वास्तविक प्रभाव आने वाले दिनों के मौसम पर निर्भर करेगा। प्रवीण कुमार ने कहा कि बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र के कारण विदर्भ की ओर अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं, जिससे 23 सितंबर की शाम से बारिश की तीव्रता बढ़ने की संभावना है। इसलिए, किसानों और प्रशासन को संभावित भारी बारिश के प्रति सतर्क रहने की जरूरत है।
28 तक महाराष्ट्र के अधिकांश हिस्सों में बारिश
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, 21 से 28 सितंबर के बीच महाराष्ट्र के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। मानसून के मौसम के अंतिम चरण में होने वाली यह बारिश कई इलाकों में सूखे जैसे हालात से राहत दे सकती है। बारिश के इस दौर से किसानों को भी कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
किसानों को मिलेगी राहत
मानसून के अंतिम चरण में होने वाली यह बारिश महाराष्ट्र के कई सूखे से प्रभावित इलाकों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकती है। जल स्रोतों में पानी का स्तर बढ़ने के साथ-साथ यह बारिश खरीफ की फसलों के लिए भी संजीवनी का काम करेगी, जिससे स्थानीय किसानों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।












