उद्धव ठाकरे का आरोप, मांगा इस्तीफा, गर्जना मार्च में गरजे राज ठाकरे, बोले- बैलेट पेपर से हों चुनाव
लोकवाहिनी, संवाददाता
मुंबई। शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने रविवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के हथियार के रूप में काम करने का आरोप लगाया। वहीं, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने महाराष्ट्र की मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को रद्द करने की मांग की। सीईसी के खिलाफ ठाकरे बंधुओं के नेतृत्व में मुंबई में निकाले गए विरोध मार्च में हजारों लोगों ने हिस्सा लिया, जिसका समापन एक रैली के रूप में हुआ।
रैली में कांग्रेस नेताओं बालासाहेब थोरात और विजय वडेट्टीवार के अलावा शरद पवार नीत राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के जयंत पाटिल, शशिकांत शिंदे, जितेंद्र आव्हाड और अनिल देशमुख ने भी भाग लिया। मार्च दक्षिण मुंबई स्थित मेट्रो सिनेमा से शुरू हुआ और कुछ ही दूरी तय कर बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) मुख्यालय पहुंचा। प्रदर्शनकारियों का समर्थन करते हुए कोरोज जनता पार्टी (कॉरजपा) संस्थापक अभिजीत दीपे ने कहा कि शहर एक बार फिर स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आया है।
महाराष्ट्र में एसआईआर पूरी तरह से रद्द हो : राज ठाकरे
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे ने महाराष्ट्र में चल रही एसआईआर (स्पेशल इंटिमेशल रिवीजन) को लेकर बड़ा सवाल उठाया है। मुंबई में रविवार को गर्जना मार्च के मौके पर जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने मांग की है कि महाराष्ट्र में कराई जा रही पूरी एसआईआर प्रक्रिया को रद्द किया जाए। राज ठाकरे का कहना है कि कानून के मुताबिक एसआईआर तभी कराया जाता है, जब किसी तरह की आपात स्थिति पैदा हो। उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव के दौरान 40 से 60 लाख वोटर जोड़े गए और इसी के जरिए सत्ता पर कब्जा किया गया। अब एसआईआर के जरिए करीब दो करोड़ लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं।












