5 करोड़ से कम की गड़बड़ी पर सिर्फ जुर्माना, 10 हजार से कम की टैक्स चोरी पर नोटिस भी नहीं
लोकवाहिनी, संवाददाता
नई दिल्ली। वित्त मंत्रालय ने कहा, कर दरों का ढांचा तय हो चुका है, इसलिए परिषद का ध्यान अब इस बात पर है कि कर व्यवस्था रोजमर्रा में कैसे काम करती है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि जीएसटी दरों में बदलाव अब साल में एक बार ही किया जाएगा। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में नई दिल्ली में आयोजित 57वीं जीएसटी काउंसिल की बैठक में कारोबारियों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों के लिए कई बड़े और राहत भरे फैसलों पर मुहर लगाई गई है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य कर अनुपालन को सरल बनाना, व्यापारिक बाधाओं को दूर करना और गैर-जरूरी आपराधिक कार्रवाइयों पर रोक लगाना रहा। काउंसिल ने कर अधिकारियों की मनमानी गिरफ्तारी शक्तियों पर अंकुश लगाने के साथ ही आपराधिक अभियोजन शुरू करने की न्यूनतम सीमा को 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये करने की मंजूरी दे दी है (पेज 6 पर)।
यूपीआई पर चार्ज अगले साल तक टल सकता है
यूपीआई पर चार्ज लगाने का नियम फिलहाल टल सकता है। केंद्र सरकार 15 अक्टूबर से 2000 से ज्यादा के यूपीआई पेमेंट पर 0.4% चार्ज लगाने का नियम लागू करने वाली थी। न्यूज एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से दावा किया कि सरकार अगले साल 1 जनवरी से नया नियम लागू करने पर विचार कर रही है। ऐसा हुआ तो फेस्टिव सीजन में दुकानदारों और पेमेंट कंपनियों को छूट दी जा सकती है यानी यूपीआई ट्रांजैक्शन फ्री रहेगा।
57वीं जीएसटी काउंसिल बैठक के प्रमुख फैसले
-
रिफंड दावों को स्वीकार करने की समयसीमा 15 दिन से घटाकर 10 दिन की जाएगी।
-
कर्मचारियों के लिए लिए गए इंश्योरेंस कवर पर भुगतान किए गए जीएसटी पर नियोक्ताओं को इनपुट टैक्स क्रेडिट मिलने का प्रावधान किया गया है।
-
जीएसटी काउंसिल ने नोटिस और कर संबंधी कार्यवाही के लिए कॉमन स्टैंडर्ड की सिफारिश की है।
-
ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए सामान या सेवाएं बेचने वाले छोटे करदाताओं के जीएसटी रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया सरल करने की सिफारिश की गई है। वित्त मंत्री ने कहा कि आगे दर से जुड़े मुद्दों पर साल में एक बार विचार किया जाएगा।
-
57वीं जीएसटी काउंसिल बैठक में किसी जीएसटी दर में बदलाव नहीं किया गया। सरकार सीजीएसटी में फेसलेस टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन लागू करने की दिशा में काम कर रही है।
-
10,000 रुपये से कम की टैक्स राशि के लिए जीएसटी डिमांड नोटिस जारी नहीं किया जाएगा।














