यूपी के बरेली, नोएडा और मेरठ से चार गिरफ्तार
लोकवाहिनी, संवाददाता
नागपुर। एमआईडीसी क्षेत्र में बंदूक की नोक पर ज्वेलर्स की दुकान से करीब 40 लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण लूटने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का शहर पुलिस की अपराध शाखा ने पर्दाफाश किया है। घटनास्थल पर मिले फिंगरप्रिंट और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने उत्तर प्रदेश से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई की जानकारी पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटील ने पत्रकार परिषद में दी। पुलिस ने बरेली से अभिषेक सिंह ठाकुर, नोएडा से जयराम उर्फ जोगिंदर अशोक सिंह ठाकुर (19), शुभांकित निलेशकुमार चतुर्वेदी (22), मेरठ से राजन सामी शर्मा (29) को गिरफ्तार किया।
पिस्तौल दिखाकर लूटे थे 40 लाख के आभूषण
पुलिस के अनुसार, 3 अक्टूबर को एमआईडीसी थाना क्षेत्र के हिंगणा मार्ग स्थित राकेश डोमणे के ‘डोमणे ज्वेलर्स’ में चार आरोपी घुसे थे। आरोपियों ने दुकान में मौजूद कर्मचारी शुभम हाडगे को पिस्तौल दिखाकर धमकाया और करीब 350 ग्राम वजन के सोने-चांदी के आभूषण लूटकर फरार हो गए थे। घटना की गंभीरता को देखते हुए एमआईडीसी पुलिस और अपराध शाखा ने समानांतर जांच शुरू की। जांच के दौरान घटनास्थल पर मिले आभूषणों के बॉक्स पर एक आरोपी के फिंगरप्रिंट मिले। तकनीकी विश्लेषण के जरिए पुलिस इन निशानों की मदद से अभिषेक सिंह ठाकुर की पहचान की। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाते हुए पुलिस ने गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंच बनाई।
400 से अधिक सीसीटीवी फुटेज की जांच
आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों के 400 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। तकनीकी विश्लेषण और कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद से संदिग्धों की पहचान करने का प्रयास किया गया। फिंगरप्रिंट जांच से महत्वपूर्ण सुराग मिलने के बाद अपराध शाखा की दो टीमें उत्तर प्रदेश और हरियाणा रवाना की गई। करीब सात दिनों तक लगातार प्रयास करने के बाद पुलिस ने अभिषेक को बरेली से पकड़ा। उससे पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर जयराम उर्फ जोगिंदर ठाकुर और शुभांकित चतुर्वेदी को नोएडा से, जबकि राजन सामी शर्मा को मेरठ से गिरफ्तार किया गया।
दिल्ली में बनाई योजना, नागपुर में दिया वारदात को अंजाम
पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने दिल्ली में डकैती की योजना बनाई थी। नागपुर से संबंध रखने वाले राजन ने अपने साथियों को नागपुर बुलाया था। सितंबर में आरोपी नागपुर आए और यहां चारपहिया तथा दोपहिया वाहन किराये पर लेकर सराफा दुकान की रेकी की। इसके बाद वे वापस लौट गए। आरोपी 1 अक्टूबर को दोबारा नागपुर के लिए रवाना हुए और 3 अक्टूबर को वारदात को अंजाम दिया। लूट के बाद वे उत्तराखंड की ओर फरार हो गए थे। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई फॉर्च्यूनर कार भी जब्त कर ली है।
चेन्नई की जेल में हुई थी आरोपियों की पहचान
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि राजन की पहचान उत्तर प्रदेश के कुछ अपराधियों से चेन्नई में साइबर धोखाधड़ी के एक मामले में जेल में रहने के दौरान हुई थी। आरोपियों के आपराधिक नेटवर्क का पता लगाने के लिए नागपुर पुलिस ने उत्तराखंड के पुलिस महानिरीक्षक नीलेश भरणी की सहायता भी ली। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने लूटे गए आभूषण अपने फरार साथी को सौंपने की जानकारी दी है। इस मामले में मुख्य सूत्रधार सहित दो आरोपी अभी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ हत्या, डकैती, साइबर धोखाधड़ी और लूटपाट जैसे गंभीर अपराधों के मामले भी दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की तलाश करने के साथ ही लूटे गए आभूषणों की बरामदगी के प्रयास कर रही है।











