मंत्रिमंडल बैठक में फैसला : तटीय सुरक्षा और अन्य बलों में भी करेगी शामिल : फडणवीस
लोकावाहिनी, संवाददाता
मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को बताया कि राज्य सरकार चार साल की सैन्य सेवा पूरी कर लौटने वाले अग्निवीरों को पुलिस और राज्य सरकार के अन्य बलों में समायोजित करेगी तथा उन्हें नयी भर्ती परीक्षा और दोबारा प्रशिक्षण से छूट दी जाएगी। फडणवीस ने कहा कि अग्निवीरों का पहला बैच अब सशस्त्र बलों में अपना कार्यकाल पूरा कर लौट रहा है। उन्होंने साप्ताहिक मंत्रिमंडल बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, केंद्र ने तय किया है कि 25 प्रतिशत अग्निवीर सशस्त्र बलों में बने रहेंगे, जबकि शेष 75 प्रतिशत को केंद्र और राज्य सरकारों के विभिन्न बलों में समायोजित किया जाना चाहिए।
फडणवीस ने कहा, महाराष्ट्र ने फैसला किया है कि अग्निवीरों को राज्य सरकार के पुलिस और इसी तरह के अन्य पदों पर समायोजित किया जाएगा। वर्ष 2022 की अग्निपथ योजना के तहत केंद्र 25 प्रतिशत अग्निवीरों को सशस्त्र बलों में बनाए रखेगा, जबकि शेष 75 प्रतिशत को सेवा से मुक्त किया जाएगा। इस योजना के तहत भर्ती अग्निवीरों की कुल सेवा अवधि चार वर्ष है, जिसमें छह महीने का प्रशिक्षण भी शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व अग्निवीरों को दोबारा भर्ती परीक्षा देने या नया प्रशिक्षण लेने की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि वे चार साल की सेवा के दौरान पहले ही परीक्षा और प्रशिक्षण से गुजर चुके हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि जिस पद पर अग्निवीरों को समायोजित किया जाएगा, उसके अनुसार कुछ विशेष प्रशिक्षण की आवश्यकता हो सकती है। (पेज 6 पर)
10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों से परीक्षा शुल्क न लिया जाए
कैबिनेट की बैठक में 10वीं-12वीं के छात्रों को राहत देने के लिए बड़ा फैसला लिया गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मीडिया से बात करते हुए इस बात की जानकारी दी। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह स्थिति बनी है कि 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों से परीक्षा शुल्क न लिया जाए। इस बीच, सूखे की पृष्ठभूमि में राज्य में छात्रों की स्थिति को देखते हुए, मुख्यमंत्री ने यह भी कहा है कि यह निर्णय लिया गया है कि छात्रों से बाद में वापस करने के बजाय फीस नहीं ली जाएगी। इसलिए, चूंकि छात्रों के लिए यह महत्वपूर्ण आदेश जारी किया गया है, इसलिए छात्रों को भी राहत मिली है।
बाहर की गई तहसीलों को भी सूखाग्रस्त सूची में शामिल किया जाएगा
राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में विभिन्न विभागों के मंत्री भी इस बैठक में उपस्थित थे। इस बीच, आज की बैठक में सूखा निवारण तथा किसान सहायता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। सरकार द्वारा सूखा घोषित किए जाने के बाद कुछ तालुकों को सूखाग्रस्त तहसीलों की सूची से बाहर कर दिया गया था। अब इन्हीं बाहर किए गए तालुकों को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इस निर्णय से अब हजारों किसानों को बड़ा लाभ मिलने वाला है। मंत्रिमंडल बैठक में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कुछ महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। सूखा निवारण मंत्रिमंडल उपसमिति की बैठक नियमित रूप से लें, मंत्रियों करें अपने सुझाव नियमित रूप से इस उपसमिति को देने चाहिए, ऐसा फडणवीस ने बैठक में कहा। साथ ही जो तहसीलें सूखाग्रस्त तालुकों की सूची में शामिल नहीं हुई हैं, उनके संबंध में अन्य मानदंड लागू करके सहायता के बारे में प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाए, ऐसा महत्वपूर्ण आदेश फडणवीस ने दिया।
सूखे के दौर में पानी की कमी की बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है। पानी का नियोजन करना जरूरी है। इसलिए पानी का उपयोग कैसे करना है, इसका स्वयं स्पष्ट जीआर जारी करें। पीने के पानी को ध्यान में रखते समय उसमें पशुओं का पानी भी शामिल करें और उसके बाद अन्य प्राथमिकताएं तय करें। सूखाग्रस्त तहसीलों की सूची से बाहर किए गए कुछ तालुकों को अब फडणवीस के इस निर्णय से राहत मिल सकती है। इन तालुकों में भी बारिश कम हुई है। लेकिन मापदंड पूरे न करने के कारण इन तालुकों को सूखाग्रस्त ताल्दुके नहीं होने की बात कही गई थी। लेकिन अब इन तहसीलों के किसानों को अन्य माध्यम से सहायता दी जाएगी। यह सहायता किस प्रकार की होगी, इस बारे में अभी स्पष्टता नहीं है। आगामी कुछ दिनों में अधिक स्पष्टता आएगी।













