860 सार्वजनिक कुओं में से 400 पर लगेंगे सौर पंप
STP के उपचारित पानी से रोजाना 2 करोड़ लीटर पेयजल की बचत
लोकवाहिनी, संवाददाता
नागपुर। शहर में संभावित जल संकट की आशंका को देखते हुए नागपुर महानगरपालिका ने जल बचत और जल संवर्द्धन के लिए सात सूत्रीय कार्यक्रम तैयार किया है। महापौर नीता ठाकरे ने नागरिकों से इस अभियान में सक्रिय सहयोग करने और पानी का उपयोग किफायत से करने की अपील की है। शुक्रवार को डॉ. पंजाबराव देशमुख स्मृति स्थायी समिति सभागृह में महापौर नीता ठाकरे की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। इसमें उपमहापौर लीला हाथीबेड, स्थायी समिति सभापति शिवानी दाणी-बख्रे, सत्तापक्ष नेता नरेंद्र (बाल्ल्या) बोरकर, विपक्ष नेता संजय महाकालकर, मनपा आयुक्त डॉ. विपिन, जलप्रदाय समिति सभापति दिव्या धुरड़े, राष्ट्रवादी कांग्रेस की गुटनेता आभा पांडे सहित विभिन्न दलों के पदाधिकारी और ओसीडब्ल्यू के अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में आयुक्त डॉ. विपिन ने संभावित जल संकट से निपटने के लिए प्रशासन की ओर से तैयार उपाय योजनाओं का प्रेजेंटेशन दिया। विभिन्न जनप्रतिनिधियों के सुझावों पर विचार करने के बाद शहर के लिए सात सूत्रीय कार्यक्रम निश्चित किया गया। मनपा आयुक्त ने बताया कि पीने के पानी का दुरुपयोग रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। वाहनों की धुलाई के लिए पीने के पानी का इस्तेमाल करने वाले शहर के 75 कार वॉशिंग सेंटरों को नोटिस जारी कर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई से प्रतिदिन लगभग 3 लाख लीटर पानी की बचत होने का अनुमान है।
मनपा का सात सूत्रीय जल संरक्षण कार्यक्रम
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सार्वजनिक कुओं की सफाई और सौर पंपों की स्थापना: शहर में कुल 860 सार्वजनिक कुएं हैं। इनमें से 400 कुओं पर MEDA के सहयोग से सौर ऊर्जा आधारित दोहरी जल पंपिंग प्रणाली स्थापित की जाएगी। इस परियोजना पर 16 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान है। इससे प्रतिदिन 2 करोड़ लीटर पानी उपलब्ध होने का अनुमान है।
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एसटीपी के उपचारित पानी का पुनः उपयोग: शहर के 10 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से उपचारित पानी उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए हाइडेंट की व्यवस्था होगी। इस पानी का उपयोग निर्माण कार्यों, उद्यानों, कार वॉशिंग सेंटरों, अग्निशमन विभाग, रेलवे, एयरपोर्ट और अस्पतालों में किया जाएगा। प्रस्तावित हाइडेंट व्यवस्था पर लगभग 41 लाख रुपये खर्च होंगे। इससे प्रतिदिन 2 करोड़ लीटर पेयजल की बचत होने की उम्मीद है।
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पानी की लीकेज खोजकर तत्काल मरम्मत: शहर की जलवाहिनियों में होने वाले रिसाव को रोकने के लिए विशेष टीम गठित की गई है। अत्याधुनिक रोबोकैम तकनीक से लीकेज का पता लगाकर मरम्मत की जा रही है। इस उपाय से प्रतिदिन 31.5 लाख लीटर पानी बचाने का लक्ष्य है।
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जलस्रोतों से वाष्पीकरण रोकना: जलाशयों में पानी के वाष्पीकरण को कम करने के लिए विशेष उपाय किए जाएंगे। इसके साथ ही उपलब्ध पानी के पुनः उपयोग पर भी जोर दिया जाएगा।
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नागरिकों में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता: संभावित जल संकट को देखते हुए नागरिकों को पानी का सीमित और जिम्मेदारी से उपयोग करने के लिए जागरूक किया जाएगा। वाहन धोने के लिए पीने के पानी का इस्तेमाल नहीं करने और स्नान के शॉवर का उपयोग टालने जैसी सलाह दी जाएगी। विभिन्न प्रचार माध्यमों से जल संरक्षण का संदेश पहुंचाया जाएगा।
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अवैध नल कनेक्शन और पानी की बर्बादी पर नियंत्रण: शहर में अवैध नल कनेक्शनों की पहचान कर उन्हें नियमित किया जाएगा। पानी की बर्बादी रोकने के लिए विशेष दल नियुक्त किए गए हैं। छोटी लीकेज की मरम्मत 24 घंटे के भीतर करने का लक्ष्य रखा गया है।
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रेन वॉटर हार्वेस्टिंग से भूजल स्तर बढ़ाने पर जोर: मनपा की सभी इमारतों में वर्षा जल संचयन की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए भूजल सर्वेक्षण एवं विकास एजेंसी (GSDA) का सहयोग लिया जाएगा। शहर के नागरिकों को भी अपने घरों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
झोपड़पट्टियों के लिए जल उपयोग की नीति बनाएं: महापौर
महापौर नीता ठाकरे ने कहा कि संभावित जल संकट से निपटने के लिए मनपा के प्रयासों के साथ नागरिकों का सहयोग भी जरूरी है। उन्होंने विशेष रूप से झोपड़पट्टियों क्षेत्रों में पानी के अधिक उपयोग और अवैध नल कनेक्शनों का मुद्दा उठाया। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए कि इन क्षेत्रों में मीटर लगाने और अवैध कनेक्शनों को नियमित करने के लिए स्पष्ट नीति बनाई जाए। सभी घरों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य करने तथा व्यवस्था नहीं करने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने पर भी जोर दिया। महापौर ने कहा कि निर्माण कार्यों में पीने के पानी का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। इसके लिए वैकल्पिक जल आपूर्ति की व्यवस्था का अध्ययन किया जाए। कार वॉशिंग सेंटरों को भी पीने का पानी नहीं दिया जाएगा। इन सेंटरों को वैकल्पिक व्यवस्था करनी होगी।
रेन वॉटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य करने की मांग : बोरकर
सत्तापक्ष नेता नरेंद्र (बाल्ल्या) बोरकर ने पूरे शहर में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इससे भूजल स्तर बढ़ाने में मदद मिलेगी। झोपड़पट्टियों क्षेत्रों में अवैध नल कनेक्शनों को नियमित करने के लिए मनपा को विशेष शिविर लगाना चाहिए। दिवाली के बाद अधिकृत कनेक्शन के लिए शिविर आयोजित करने और इसके बावजूद कनेक्शन नियमित नहीं कराने वालों के अवैध कनेक्शन काटने की कार्रवाई का सुझाव दिया।
लीकेज की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई हो : दिव्या धुरड़े
जलप्रदाय समिति की सभापति दिव्या धुरड़े ने कहा कि जलवाहिनियों में लीकेज की शिकायत मिलने के बावजूद OCW की ओर से तत्काल कार्रवाई नहीं की जाती। उन्होंने शिकायतों की शीघ्र निपटारा करने और सार्वजनिक कुओं की सफाई के दौरान नगरसेवकों को विश्वास में लेने की मांग की।













