अच्छे अधिकारी की नियुक्ति करने की रोहित पवार ने की मांग
लोकवाहिनी, संवाददाता
पुणे। महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग के माध्यम से आयोजित खाद्य और औषधि प्रशासन विभाग में औषधि निरीक्षक, समूह-ब पद की भर्ती प्रक्रिया का पेपर लीक होने के बाद छात्रों में परीक्षाओं को लेकर अविश्वास पैदा हो गया है। ऐसे में हजारों छात्रों ने भाग लेते हुए पुणे के ओंकारेश्वर मंदिर से जिलाधिकारी कार्यालय तक मोर्चा निकाला। मामले में एमपीएससी आयोग के अध्यक्ष विवेक भीमनवार को आयोग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देना चाहिए और उनकी जगह अच्छे अधिकारी की नियुक्ति करनी चाहिए, इस मांग को लेकर आज राष्ट्रवादी कांग्रेस शरदचंद्र पवार पार्टी के नेता विधायक रोहित पवार के नेतृत्व में पुणे के ओंकारेश्वर मंदिर से जिलाधिकारी कार्यालय तक छात्रों के मोर्चे का आयोजन किया गया। इस मोर्चे में सांसद सुप्रिया सुले, विधायक विश्वजीत कदम सहित हजारों छात्र बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस दौरान सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि यह छात्रों की मांग है और छात्रों की इस मांग का समर्थन करने के लिए मैं यहां आई हूं।
सरकार हर चीज में विफल रही है। छात्रों की मांग पर सरकार को विचार करना चाहिए। इस दौरान विधायक रोहित पवार ने कहा कि आज के इस मोर्चे में छात्र खुद से आए हैं। आप यह छात्रों की भीड़ देखकर समझ सकते हैं कि छात्रों में आयोग के कामकाज को लेकर कितना आक्रोश है। छात्रों की मांग है कि आयोग के अध्यक्ष इस्तीफा दें। उनकी जगह अच्छे अधिकारियों की नियुक्ति होनी चाहिए। वहीं कांग्रेस विधायक विजय वडेट्टीवार ने एक्स मीडिया की पोस्ट में कहा कि एमपीएससी के अध्यक्ष और सचिव पेपर लीक और महाघोटाले के लिए जिम्मेदार हैं। यह बेहद भ्रष्ट है और सरकार के सीधे संरक्षण के बिना यह घोटाला नहीं हुआ है। सरकार प्रायोजित पेपर लीक हुआ है। अगर इस व्यवस्था ने ईमानदारी से काम किया होता, तो पेपर लीक हुआ ही नहीं होता। महायुति सरकार ने ईमानदार छात्रों के भविष्य के साथ खेलकर उनके साथ विश्वासघात किया है। उनके साथ हुआ यह अन्याय हम कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। एमपीएससी के भ्रष्ट कामकाज के खिलाफ और सरकार के खिलाफ छात्रों द्वारा किए जा रहे आंदोलन को हमारा पूर्ण समर्थन है। छात्रों के अधिकारों के लिए और इन भ्रष्ट अधिकारियों को हटाए जाने तक हम चुप नहीं बैठेंगे। छात्रों के इस आंदोलन में हम पूरी ताकत के साथ शामिल होंगे।













