युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
लोकवाहिनी संवाददाता
अमरावती। महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (एमपीएससी) की कार्यप्रणाली और प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं के विरोध में अमरावती में हजारों विद्यार्थी सड़कों पर उतर आए। 4 सितंबर को सुबह 10.30 बजे विद्यार्थियों ने आक्रोश मोर्चा निकालकर परीक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं के खिलाफ अपना रोष व्यक्त किया। विद्यार्थियों ने कहा कि परीक्षाओं की तैयारी के लिए दिन-रात मेहनत करने वाले युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाली व्यवस्था को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मोर्चे की शुरुआत संत गाडगे बाबा आश्रम, गाडगे नगर तथा पंचवटी चौक क्षेत्र से हुई। एमपीएससी की तैयारी करने वाले छात्र-छात्राओं के साथ अध्ययन केंद्रों के संचालक, शिक्षक और मेस संचालक भी बड़ी संख्या में मोर्चे में शामिल हुए। विद्यार्थियों ने हाथों में अपनी विभिन्न मांगों से संबंधित तख्तियां और तस्वीरें लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। इस दौरान एमपीएससी प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
विद्यार्थियों ने कहा कि पेपर लीक की घटनाओं के कारण परीक्षा की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। राज्य में बड़ी संख्या में विद्यार्थी वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए वे दिन-रात मेहनत करते हैं, लेकिन परीक्षा से जुड़े कथित गैरप्रकारों के कारण उनकी मेहनत पर पानी फिर जाता है।
आंदोलनकारियों ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना और विद्यार्थियों के विश्वास को कायम रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
दोषियों पर कार्रवाई की मांग
मोर्चे के दौरान विद्यार्थियों ने पेपर लीक से जुड़े मामलों की गहन और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। साथ ही दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग भी की गई। विद्यार्थियों ने कहा कि केवल जांच का आश्वासन देने के बजाय दोषियों की जिम्मेदारी तय कर उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। आक्रोश मोर्चा जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा, जहां विद्यार्थियों ने प्रशासन को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। इस दौरान परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की गई।
न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा
आंदोलनकारी विद्यार्थियों ने स्पष्ट किया कि पेपर लीक मामलों में केवल जांच का आश्वासन पर्याप्त नहीं है। दोषियों पर कठोर कार्रवाई होना जरूरी है। विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाली व्यवस्था के खिलाफ वे लगातार आवाज उठाते रहेंगे। विद्यार्थियों ने चेतावनी दी कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
औषधि निरीक्षक पद की परीक्षा रद्द होने की पृष्ठभूमि
दरअसरल, महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग की ओर से खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग में औषधि निरीक्षक, गट-ब पद के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में पेपर लीक होने के आरोप सामने आए थे। इसके बाद अपराध जांच शाखा ने मामले की जांच की।













