बैंकों में पांच दिन का वर्किंग वीक लागू करने समेत अपनी पेंडिंग मांगों पर फैसला न होने के बाद कर्मचारी यूनियनों ने विरोध का रुख अपना लिया है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने पूरे देश में फेज में हड़ताल का ऐलान किया है। इसके मुताबिक, मांगें पूरी न होने पर 11 सितंबर को एक दिन की हड़ताल, 28 से 30 सितंबर तक तीन दिन की हड़ताल और 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी गई है। इस विरोध प्रदर्शन में करीब 8 लाख बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों के शामिल होने की संभावना है। पांच दिन का बैंकिंग वीक कर्मचारियों की कोई नई मांग नहीं है। दिसंबर 2023 में इंडियन बैंक एसोसिएशन और कर्मचारी यूनियंस के बीच हुई बातचीत में सभी शनिवार को छुट्टी का प्रस्ताव रखा गया था। यह प्रस्ताव मार्च 2024 में हुए वेतन समझौते में भी शामिल था और यह साफ किया गया था कि इसके लिए केंद्र सरकार की मंजूरी जरूरी है। हालांकि, सभी शनिवार को छुट्टी पर फैसला अभी नहीं हुआ है। अभी, बैंक ब्रांच रविवार के साथ-साथ महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को भी बंद रहती हैं।
कर्मचारी यूनियंस की मांगें सिर्फ शनिवार तक ही सीमित नहीं हैं। यूनियनों ने सीनियर अधिकारियों के लिए परफॉर्मेंस-बेस्ड इंसेंटिव स्कीम में बदलाव, पेंशन से जुड़े मुद्दे, पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ते का एक जैसा तरीका, मेडिकल इंश्योरेंस और दूसरी सर्विस सुविधाओं पर भी अपना स्टैंड लिया है। इस विवाद का बैकग्राउंड मार्च 2024 में साइन किया गया बारहवां बाइलैटरल वेज एग्रीमेंट है। इस एग्रीमेंट में वेज और अलाउंस में 17 परसेंट की बढ़ोतरी का प्रावधान था। अब, बैंक कर्मचारियों और कस्टमर्स का ध्यान इस बात पर है कि पेंडिंग मुद्दे हल होते हैं या नहीं।











