12वें ब्रिक्स संसदीय मंच के समापन पर पारित संयुक्त घोषणा पत्र में प्रतिबद्धता दोहराई
नई दिल्ली। ब्रिक्स संसदीय मंच ने मंगलवार को आतंकवाद के सभी स्वरूपों और अभिव्यक्तियों की कड़े शब्दों में निंदा की और कहा कि इससे निपटने के लिए कतई बर्दाश्त नहीं की नीति अपनाने और इस मुद्दे पर दोहरे मानदंडों को खारिज करने की जरूरत है। संविधान सदन में 26 और 27 अक्टूबर को आयोजित 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच के समापन पर पारित संयुक्त घोषणा पत्र में सदस्य देशों ने सीमा पार आतंकवादियों की आवाजाही, आतंकवाद के वित्तपोषण और आतंकवादियों को सुरक्षित पनाहगाह उपलब्ध कराने सहित आतंकवाद के सभी स्वरूपों से मुकाबला करने की प्रतिबद्धता दोहराई। घोषणा पत्र में कहा गया, हम आतंकवाद के सभी कृत्यों की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं, क्योंकि ये आपराधिक और अनुचित हैं, चाहे उनका उद्देश्य कुछ भी हो और ये कहीं भी, कभी भी तथा किसी के द्वारा भी किए गए हों। मंच ने 22 अप्रैल, 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की ‘कड़े से कड़े शब्दों में’ निंदा की। इस हमले में 26 लोग मारे गए थे और कई अन्य घायल हुए थे। ब्रिक्स देशों की संसदों के पीठासीन अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने कहा कि आतंकवाद को किसी धर्म, राष्ट्रीयता, सभ्यता या जातीय समूह से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।













