मानसून का कहर : मलबे से 2 साल के मासूम का शव निकाला
लोकवाहिनी, संवाददाता
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के पुंछ और किश्तवाड़ इलाकों में कुदरत कहर बरपा रही है। देर रात इन इलाकों में बादल फटने से भयानक बारिश हुई, जिससे बाढ़ जैसी स्थिति हो गई है और अब तक भारी तबाही मच चुकी है। बादल फटने के चलते कई जगहों पर भूस्खलन की भी खबर सामने आई है। आपदा में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 7 लोग लापता हैं। इनमें 2 साल के बच्चे का भी शव बरामद किया गया। इसके अलावा, तीन बच्चों सहित चार लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की खबर है। आपदा में पुंछ जिले की सुरनकोट में सबसे ज्यादा नुकसान दर्ज हुआ है। पुंछ के लोअर मड़ा गांव में बादल फटने के बाद पहाड़ का एक हिस्सा खिसक गया, जिसमें एक दोमंजिला मकान दब गया। मलबे में मोहम्मद लतीफ के परिवार के 5 लोग दब गए और सभी की मौत हो गई। राहत और बचाव दल ने मलबे में से दो साल के मासूम सोफियान यासिर सहित पांच शव बाहर निकाले हैं। अन्य स्थानों पर भी स्थानीय प्रशासन, पुलिस और सेना की टीमें लगातार बचाव और राहत कार्य तेजी से चला रही हैं। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बारिश और बाढ़ से प्रभावित जिलों की स्थिति की समीक्षा की तथा अधिकारियों को प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत और सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
नगालैंड में भूस्खलन, 8 की मौत
कोहिमा। नगालैंड के मोन जिले में रविवार को कई जगहों पर बड़े पैमाने पर लैंडस्लाइड की घटनाओं में कम से कम 8 लोगों की मौत हो गई और 12 अन्य घायल हो गए। मोन जिले के डिप्टी कमिश्नर वेन्नयेई कोन्याक ने बताया कि अब तक 4 शव बरामद हुए हैं और चार अन्य अभी भी मलबे में दबे हुए हैं। वेन्नयेई कोन्याक ने कहा, मोन जिले में कई जगहों पर लगातार भारी बारिश की वजह से हुए भूस्खलन की घटनाओं में आठ लोगों की मौत हो गई है। सबसे ज्यादा प्रभावित इलाके मोन शहर, तिज़ित हैं। भारी बारिश रात करीब 1 बजे शुरू हुई और हमें सुबह करीब 6-7 बजे लैंडस्लाइड की घटनाओं की जानकारी मिली। उन्होंने बताया कि भूस्खलन की घटनाओं के बाद एसडीआरएफ, पुलिस, असम राइफल्स, एनडीआरएफ की टीमें और स्थानीय लोग सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे हुए हैं।











