विवाद | अखिलेश बोले- यह बिल अल्पसंख्यकों के खिलाफ
लोकवाहिनी, संवाददाता
नई दिल्ली। लोकसभा ने बुधवार को विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन (एफसीआरए) विधेयक, 2026 को विस्तृत समीक्षा और संभावित सुझावों के लिए संसद की संयुक्त समिति को भेजने संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दी। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा) और द्रमुक ने विधेयक को अल्पसंख्यकों के खिलाफ करार देते हुए इसे वापस लेने की मांग की। सरकार ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि इस विधेयक में एक भी प्रावधान अल्पसंख्यकों के खिलाफ नहीं है तथा यह सिर्फ देश की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने इस विधेयक को संसद की संयुक्त समिति के पास भेजने का प्रस्ताव रखा, जिसे सदन ने विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच ध्वनिमत से मंजूरी दी। विधेयक का विरोध करते हुए कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि यह विधेयक गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) और अल्पसंख्यक संस्थानों को निशाना बनाने के लिए लाया गया है। उन्होंने दावा किया कि सरकार अल्पसंख्यकों को निशाना बना रही है। वेणुगोपाल ने कहा, इस विधेयक को वापस लिया जाए। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि पूरा विपक्ष एफसीआरए विधेयक के खिलाफ है। उन्होंने विधेयक को अल्पसंख्यकों के खिलाफ बताया और कहा कि यह सरकार आज तक ऐसा कौन-सा विधेयक लाई है जो अल्पसंख्यकों के खिलाफ नहीं हो। द्रमुक नेता टीआर बालू ने भी विधेयक को वापस लेने की मांग की। अल्पसंख्यक और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि इस विधेयक में ऐसा एक भी प्रावधान नहीं है जो अल्पसंख्यकों या किसी भी समुदाय के खिलाफ हो।
2 साल में कितने बिल जेपीसी में भेजे गए?
2024 में मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल की शुरुआत के बाद कई महत्वपूर्ण विधेयकों को संसदीय समितियों के पास भेजा गया। इनमें वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 सबसे चर्चित मामलों में रहा। इसे अगस्त 2024 में संयुक्त समिति को भेजा गया था। इसके बाद दिसंबर 2024 में संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024 और संघ राज्य क्षेत्र कानून (संशोधन) विधेयक, 2024 को एक संयुक्त समिति के पास भेजा गया। दोनों विधेयक वन नेशन-वन इलेक्शन की व्यवस्था से जुड़े थे। संसद की ऑफिशियल वेबसाइट पर इनके जेपीसी को भेजे जाने की तारीख 20 दिसंबर 2024 दर्ज है। 2025 और 2026 में भी सरकार ने कुछ बड़े विधेयकों को समितियों के पास भेजा। इनमें 2026 का कंपनी कानून (संशोधन) बिल भी शामिल है, जिसे 23 मार्च 2026 को संयुक्त समिति को भेजा गया। केंद्र सरकार ने एफसीआरए संशोधन विधेयक को भी अब जेपीसी को भेजने का फैसला किया है।












