इजराइल में संपन्न संसदीय चुनाव में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व वाला सत्तारूढ़ गठबंधन बहुमत आंकड़े से फिलहाल दूर है और देश में अगली सरकार के गठन को लेकर अनिश्चितता पैदा हो गई है। शुरुआती मतगणना में उसे 53 सीट मिलने का अनुमान जताया गया है, जबकि पूर्व सेना प्रमुख गादी आइजेनकोट नीत विपक्षी गठबंधन को 48 और अरब नेतृत्व वाली पार्टियों को 19 सीट पर जीत हासिल होने की उम्मीद है। स्थानीय मीडिया में केंद्रीय निर्वाचन समिति (सीसीसी) के हवाले से प्रकाशित खबरों के मुताबिक, 93 प्रतिशत सामान्य मतों की गिनती हो चुकी है, जो कुल वोटों का 85.6 फीसदी है। इजराइल की 120 सदस्यीय संसद ‘नेसेट’ में बहुमत के लिए कम से कम 61 सीटों की आवश्यकता होती है।
आइजेनकोट के नेतृत्व वाले गठबंधन और अरब नेतृत्व वाली पार्टियों को अब तक की मतगणना में 67 सीट पर जीत मिलने का अनुमान है। ऐसे में राजनीतिक मतभेद दूर करने पर उनके पास मिलकर सरकार बनाने का मौका है। हालांकि, ऐसी सरकार के गठन की संभावना अभी स्पष्ट नहीं है। नेतन्याहू ने अरब नेतृत्व वाली पार्टियों के साथ गठबंधन का विरोध किया है। वहीं, विपक्षी खेमे में इस बात को लेकर मतभेद है कि इन पार्टियों को गठबंधन में शामिल किया जाए या फिर बाहर से उनका समर्थन लिया जाए। सीसीसी ने कहा कि बाकी सात प्रतिशत सामान्य मतों की अतिरिक्त निगरानी की आवश्यकता है। स्थानीय मीडिया ने सीसीसी के हवाले से बताया कि लगभग 6,00,000 ‘दोहरे-लिफाफे’ वाले मतपत्रों की गिनती भी अभी बाकी है। इनमें सैनिकों और अन्य पात्र मतदाताओं की ओर से अपने पंजीकृत मतदान केंद्रों से दूर डाले गए वोट शामिल हैं। दोहरे मतदान को रोकने के लिए जांच के बाद इन वोटों को अगले कुछ दिनों में कुल गिनती में जोड़े जाने की उम्मीद है।
इजराइल के तीन प्रमुख प्रसारणकर्ताओं के ‘एग्जिट पोल’ (मतदान बाद सर्वेक्षण) के अनुसार, नेतन्याहू के नेतृत्व वाले गठबंधन को 50-52 सीट, जबकि आइजेनकोट नीत विपक्षी गठबंधन को 51-53 और अरब नेतृत्व वाली पार्टियों को 17-18 सीट पर जीत हासिल होने का अनुमान है। ‘आई24न्यूज’ के ‘एग्जिट पोल’ में कहा गया है कि नेतन्याहू के नेतृत्व वाले गठबंधन को 55 और आइजेनकोट नीत गठबंधन को 49 सीट पर जीत मिल सकती है। संसदीय चुनाव में नेतन्याहू की लिकुड पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरती नजर आ रही है। हालांकि, उसका समर्थन कर रहा गठबंधन के बहुमत के आंकड़े से दूर रहने का अनुमान है। राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने राजनीतिक दलों से आग्रह किया है कि वे एक और चुनाव से बचने के लिए हर संभव प्रयास करें। उन्होंने कहा कि जो लोग सरकार बनाना चाहते हैं, उन्हें खुले मन से इस प्रक्रिया में शामिल होना चाहिए। यरुशलम में हर्जोग ने कहा, “खासकर कल की घटनाओं के बाद, हमें एक और चुनाव से बचने के लिए हर मुमकिन कोशिश करनी चाहिए। इसलिए मेरी उम्मीद है कि जो भी यहां आए, खुले मन से आए।”














