दावा – हैकर्स ने कंट्रोल रूम का लेआउट, सप्लायर्स की लिस्ट डार्क वेब पर डाली
नई दिल्ली। भारत के सबसे बड़े न्यूक्लियर पावर प्लांट, कुडनकुलम न्यूक्लियर पावर प्लांट से जुड़े संवेदनशील डेटा लीक का बड़ा मामला सामने आया है। वर्ल्ड लीक्स नामक रैंसमवेयर हैकर ग्रुप ने डार्क वेब पर प्लांट के ब्लूप्रिंट और सप्लायर्स की लिस्ट समेत हजारों फाइलें डालने का दावा किया है। यह डेटा लीक कुडनकुलम (तमिलनाडु) में निर्माणाधीन यूनिट-3 और यूनिट-4 से संबंधित है। कॉमन कंट्रोल रूम के फ्लोर लेआउट, वेंटिलेशन व कूलिंग सिस्टम के इंजीनियरिंग ब्लूप्रिंट, सप्लायर्स-वेंडर्स की लिस्ट, रिलायंस ग्रुप के सर्वर से चोरी होने का दावा किया गया है। जानकारी के मुताबिक, वर्ल्ड लीक्स ने डार्क वेब पर कुडनकुलम न्यूक्लियर प्लांट से जुड़ी फाइलों का एक बड़ा कलेक्शन पोस्ट किया है। तमिलनाडु के कुडनकुलम न्यूक्लियर पावर प्लांट को देश के सात न्यूक्लियर प्लांट में सबसे बड़ा माना जाता है। साथ ही यह देश की न्यूक्लियर एनर्जी क्षमता को बढ़ाने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजनाओं के लिए भी बेहद अहम है। हालांकि अब तक यह स्थिति साफ नहीं हो सकी है कि भारत के लिए यह डेटा कितना अहम है। लेकिन माना जा रहा कि यह प्लांट की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। एक न्यूज एजेंसी ने उन दस्तावेजों की समीक्षा की, जो 2016 से लेकर 2025 तक के थे, लेकिन उनकी प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं हो सकी।












