नागपुर। इस वर्ष भी श्री गणराया नागपुर के शाही परिवार की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं को संरक्षित रखने वाले वरिष्ठ भोंसला महल में अत्यंत श्रद्धापूर्वक पहुंचे। 1728 से चली आ रही परंपरा के अनुसार, इस वर्ष 298वें वर्ष श्री गणराया पालकी में आए। गणराया को पारंपरिक जुलूस के साथ वरिष्ठ भोंसला महल लाया गया। इसके बाद मंत्रोच्चार, विधिपूर्वक पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान करते हुए श्री गणेशजी की प्रतिमा स्थापित की गई। इस दौरान क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण का निर्माण हुआ। प्रतिवर्ष नागपुर के महाराज राजे मुधोजी भोंसले के निवास पर गणेशोत्सव पारंपरिक और श्रद्धापूर्ण वातावरण में मनाया जाता है।
यह त्योहार न केवल अपने धार्मिक महत्व के कारण, बल्कि नागपुर के शाही परिवार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक के रूप में भी विशेष महत्व रखता है। वरिष्ठ भोंसला महल में गणेश जी की प्रतिमा की विशेषता यह है कि इसका पारंपरिक स्वरूप आज भी संरक्षित है। राजपरिवार की परंपरा के अनुसार, श्री गणेश जी को विशेष पगड़ी पहनाई जाती है। साथ ही, गणेशजी की मूर्ति का रंग, आकार, ऊँचाई और स्वरूप भी परंपरा के अनुरूप ही रखा जाता है। यह 298 साल पुरानी ऐतिहासिक परंपरा आज भी कायम है, और गणेश जी को पालकी में लाकर धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ स्थापित किया जाता है। इसलिए, सीनियर भोंसला पैलेस में गणेशोत्सव नागपुर की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत में एक महत्वपूर्ण आयोजन बन गया है।
ढोल नगाड़ों के साथ गणपति बाप्पा का आगमन
शहर में गणेश चतुर्थी के साथ बहुप्रतीक्षित गणेशोत्सव शुरू हो गया। घरों और आवासीय सोसाइटियों से लेकर सार्वजनिक समारोहों तक, पूरा शहर उत्साह से भरा हुआ है। भक्त गणेश प्रतिमाओं को अपने घरों में लाकर गणेश स्थापना एवं प्राण प्रतिष्ठा की रस्में पूरी की जा चुकी हैं। इस वर्ष मुख्य उत्सव 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी पर समाप्त होगा और नागपुर में 12 दिनों का उत्सव मनाया जाएगा। ढोल-नगाड़ों और जयघोष के साथ भक्तों ने अपने आराध्य गणपति बाप्पा का स्वागत किया। अगले दस दिनों तक विघ्नहर्ता गणपति बाप्पा अपने भक्तों के बीच रहेंगे और पूरा माहौल गणेश भक्ति में सराबोर रहेगा।
टेकडी गणपति मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
गणेश चतुर्थी अवसर पर नागपुर जिले में गणेशजी के आगमन की खुशी में डूबा हुआ है। श्री टेकडी गणपति मंदिर में सुबह 14 सितंबर से ही भारी संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े हैं। मंदिर परिसर में ‘गणपति बाप्पा मोरया, मंगलमूर्ति मोरया’ के जयकारे गूंज रहे हैं और बाप्पा के दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। सीताबर्डी क्षेत्र की एक पहाड़ी पर स्थित यह मंदिर नागपुर रेलवे स्टेशन से लगभग एक किलोमीटर दूर है। टेकडी गणपति विदर्भ के अष्टविनायक संप्रदाय में एक महत्वपूर्ण और प्रतिष्ठित स्वयंभू गणेश मंदिर के रूप में जाना जाता है। गणेश चतुर्थी के अवसर पर शहर समेत विदर्भ के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आ रहे हैं। गणेश चतुर्थी के अवसर पर मंदिर में सुबह से ही पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान शुरू हो गए हैं। पुष्पों की सजावट, भक्ति गीतों और बाप्पा के नाम के जाप से मंदिर परिसर का और भी शुभ हो गया है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर में दर्शन और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया है। टेकडी गणपति के दर्शन के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ नागपुर में गणेश भक्ति की परंपरा को और भी जीवंत कर रही है।












