मराठा आंदोलन पर सरकार से समाधान की उम्मीद
“दगा मत करना” — सरकार को जरांगे की चेतावनी
मराठा आरक्षण आंदोलन के प्रमुख नेता मनोज जरांगे ने भाजपा नेता प्रसाद लाड को चर्चा के लिए अंतरवाली आने का निमंत्रण दिया है। साथ ही उन्होंने बताया कि गांव-गांव में चल रही बैठकों को 23 तारीख तक स्थगित कर दिया गया है। जरांगे ने पहले 30 मई से आमरण अनशन शुरू करने की घोषणा की थी, जिससे राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई थी।
दरअसल, प्रसाद लाड ने हाल ही में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा था कि राज्य सरकार मराठा समाज की मांगों को लेकर सकारात्मक है और बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। इसी पर प्रतिक्रिया देते हुए मनोज जरांगे ने कहा कि उनका आंदोलन सरकार विरोधी नहीं है। यदि सरकार मराठा समाज की सभी मांगों को स्वीकार करने के लिए तैयार है, तो आंदोलन की आवश्यकता ही नहीं पड़ेगी।
जरांगे ने प्रसाद लाड से कहा कि वे 23 तारीख तक मुख्यमंत्री से मराठा समाज की सभी मांगों को मंजूरी दिलाकर अंतरवाली में चर्चा के लिए आएं। हालांकि उन्होंने सरकार को चेतावनी भरे अंदाज में यह भी कहा कि “हमारे साथ किसी प्रकार का धोखा या दगा न किया जाए। हम सामान्यतः किसी को बुलाते नहीं हैं, लेकिन आपको विशेष रूप से निमंत्रण दिया है।”
इस बयान के बाद राज्य में मराठा आरक्षण मुद्दे पर राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गई हैं। अब सभी की नजरें 23 मई की संभावित बैठक और सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।











