कोल्हापुर में माकपा का सत्याग्रह, सुप्रीम कोर्ट को भेजेंगे पत्र
“युवाओं का अपमान बर्दाश्त नहीं” — प्रदर्शनकारियों का आक्रोश
भारत के सरन्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत द्वारा सर्वोच्च न्यायालय की एक सुनवाई के दौरान बेरोजगार युवाओं को लेकर की गई टिप्पणी पर देशभर में विवाद बढ़ता जा रहा है। बेरोजगारों की तुलना “झुरळ” यानी कॉकरोच से किए जाने के आरोप के बाद विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। इसी क्रम में महाराष्ट्र के कोल्हापुर शहर में भी इस बयान के विरोध में आंदोलन किया गया।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की ओर से ऐतिहासिक दसरा चौक में सत्याग्रह आंदोलन आयोजित कर सरन्यायाधीश के कथित वक्तव्य का निषेध किया गया। आंदोलन में बड़ी संख्या में नागरिकों, युवाओं और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बेरोजगारी जैसी गंभीर समस्या से जूझ रहे युवाओं का अपमान किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।
माकपा नेता कॉमरेड उदय नारकर ने बताया कि इस विरोध आंदोलन के माध्यम से 150 से 200 नागरिकों के हस्ताक्षर एकत्र किए जा रहे हैं। इन हस्ताक्षरों सहित एक निषेध पत्र सर्वोच्च न्यायालय को भेजा जाएगा, ताकि बेरोजगार युवाओं की भावनाओं से जुड़े इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार किया जाए।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि सार्वजनिक पदों पर बैठे जिम्मेदार व्यक्तियों को अपने वक्तव्यों में संयम और संवेदनशीलता बनाए रखनी चाहिए। इस पूरे मामले ने अब राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर नई बहस छेड़ दी है।











