मनोज जरांगे पाटिल का बड़ा ऐलान
लोकवाहिनी, संवाददाता
अंतरावली। मराठा समाज के नेता मनोज जरांगे पाटिल ने अंतरावली में बड़ा ऐलान किया। मनोज जरांगे पाटिल ने कहा कि मराठों को बेवकूफ बनाने का काम चल रहा है। कभी समाज एकजुट हुआ था, इसलिए अब हमें सावधानी से आगे बढ़ना है। 29 अगस्त को तीन वर्ष पूरे हो रहे हैं। अगर कोई हमें बेवकूफ बना रहा है, इसलिए मैंने आप सबको बुलाया है। 29 अगस्त को फिर अंतिम और निर्णायक आंदोलन किया जाएगा। मनोज जरांगे पाटिल ने अंतरावली से यह घोषणा की। उन्होंने सीधे अंतिम आंदोलन की घोषणा की। सरकार 58 लाख रिकॉर्डों के प्रमाणपत्र नहीं दे रही है, इसलिए अब बड़ा और निर्णायक आंदोलन करना होगा। जिन लोगों को पता है कि उनके रिकॉर्ड मिल चुके हैं, वे तुरंत आवेदन करें। आगे मनोज जरांगे पाटिल ने कहा कि समाज के बच्चों की हालत खराब हो रही है। पिछले तीन वर्षों से दिल जल रहा है, इसलिए समाज के बच्चों के लिए अंतिम निर्णायक आंदोलन करेंगे। कोई भी घर पर नहीं रुकेगा, 58 लाख रिकॉर्डों के प्रमाणपत्र लिए बिना पीछे नहीं हटेंगे।
अगर हैदराबाद गजेटियर मान्य है, तो फिर प्रमाणपत्र क्यों नहीं दिए जा रहे? मराठों को निशाना क्यों बनाया जा रहा है? पहले आपने स्थानीय जांच रिपोर्ट मांगी, अब बिना निर्णायक परिणाम के नहीं रुकेंगे। हैदराबाद गजेट के अनुसार प्रमाणपत्र लिए बिना अब नहीं रुकेंगे। 29 अगस्त से जब तक आंदोलन चलेगा, तब तक समय दें। सभी दलों के नेताओं के बच्चों को आरक्षण मिलने वाला है। 28 अगस्त तक हैदराबाद गजेट के अनुसार प्रमाणपत्र दें, जरांगे पाटिल ने सरकार को अल्टीमेटम दिया। मनोज जरांगे पाटिल ने कहा कि पाँच गजेट हम आपको पिछले तीन वर्षों से लेने को कह रहे हैं, आप क्यों नहीं लेते? मराठा समाज के बच्चों को क्यों निशाना बना रहे हैं? आपकी श्रेय की लड़ाई में मराठा समाज की बलि जा रही है।
28 अगस्त तक हमें चाहिए, नहीं तो 29 अगस्त को निर्णायक आंदोलन करेंगे। हमें ही मारकर हम पर ही केस दर्ज किए जाते हैं? अब निर्णायक परिणाम के बिना नहीं रुकेंगे। 29 अगस्त को हमारी एक भी मांग अधूरी नहीं रहनी चाहिए। सभी केस वापस लिए बिना पीछे नहीं हटेंगे। कुछ दिन पहले मैं बाजावर बैठकर अनशन पर बैठा था। तब इन्होंने एक जीआर निकाला कि ओबीसी की सुविधाएँ लागू कर दी गई हैं। विखे पाटिल मुख्यमंत्री को बता रहे हैं या नहीं, यह भी पता नहीं। अभी तक एक भी योजना लागू नहीं हुई। समझ नहीं आता कि सरकार मराठों को बेवकूफ बना रही है या कॉलेज वाले। केवल उपसमिति की बैठकें चल रही हैं। यदि ओबीसी की सुविधाएँ लागू की हैं, तो संबंधित मंत्रालय को बताइए। अण्णासाहेब पाटिल महामंडल आपने बनाया। कई बच्चों ने वाहन खरीदे, उनका सिविल रिकॉर्ड खराब हो गया, उसका मुआवजा क्यों नहीं दिया? हमारे धैर्य की परीक्षा मत लीजिए। सारथी की योजनाएँ बंद कर दी गईं, केवल कागजों पर चल रही हैं।












