नामांकन वापसी के बाद गरमाई राजनीति
नाना पटोले पर भाजपा के गंभीर आरोप
भंडारा-गोंदिया स्थानीय स्वराज्य संस्था निर्वाचन क्षेत्र के विधान परिषद चुनाव में एक नया राजनीतिक मोड़ सामने आया है। कांग्रेस के अधिकृत उम्मीदवार दिलीप बनसोड द्वारा अपना नामांकन वापस लेने के बाद क्षेत्र की राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। नामांकन वापसी के पश्चात कांग्रेस ने निर्दलीय उम्मीदवार नरेश ईश्वरकर को समर्थन देने की घोषणा की है। इस निर्णय के बाद भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस नेतृत्व पर तीखा हमला बोला है।
भाजपा विधायक परिणय फुके ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि दिलीप बनसोड ने स्वेच्छा से नहीं, बल्कि दबाव में अपना नामांकन वापस लिया है। फुके का दावा है कि नाना पटोले के हस्तक्षेप के कारण कांग्रेस के अधिकृत उम्मीदवार को चुनावी मैदान से हटना पड़ा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने जिस उम्मीदवार को समर्थन दिया है, उसके खिलाफ रेत तस्करी सहित कई गंभीर शिकायतें हैं। इतना ही नहीं, फुके ने कांग्रेस पर दलित समाज की उपेक्षा करने का आरोप भी लगाया और कहा कि एक दलित उम्मीदवार को पीछे हटाकर दूसरे उम्मीदवार को समर्थन देना राजनीतिक स्वार्थ को दर्शाता है।
हालांकि कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस घटनाक्रम का चुनावी समीकरणों पर असर पड़ सकता है। अब इस चुनाव में भाजपा उम्मीदवार अविनाश ब्राम्हणकर, कांग्रेस समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार नरेश ईश्वरकर तथा निर्दलीय उम्मीदवार सचिन कुंभलकर के बीच त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिलेगा। चुनावी प्रचार के बीच आरोप-प्रत्यारोपों का दौर तेज हो गया है, जिससे यह चुनाव और अधिक दिलचस्प बनता जा रहा है।













