सांसद संजय देशमुख का बड़ा खुलासा
लोकवाहिनी, संवाददाता
नागपुर। यहां शिंदे गुट में विभिन्न पार्टियों के कार्यकर्ताओं के पार्टी में शामिल होने के कार्यक्रम के बाद सांसद संजय देशमुख मीडिया से बात कर रहे थे। जब उनसे पूछा गया कि क्या विदर्भ का कोई विधायक संपर्क में है, तो उन्होंने कहा कि कोई विधायक संपर्क में नहीं है, लेकिन यवतमाल जिले के कई नगराध्यक्ष और उनके सहयोगियों ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए काम करने की इच्छा व्यक्त की है। अब यह संदेह बना हुआ है कि राज्य में विपक्षी दल रहेगा या नहीं। अगले सात-आठ दिनों में बड़ी संख्या में लोग पार्टी में शामिल होंगे। शिंदे को निर्वाचन क्षेत्र में आमंत्रित किया गया है, उनके आगमन की पुष्टि होने के बाद पार्टी प्रवेश समारोह आयोजित किया जाएगा। युवाओं में शिंदे के नेतृत्व में काम करने की लहर है। आम नागरिकों ने मुख्यमंत्री रहते हुए उनके कार्यों को देखा है। मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने युवाओं, कृषि श्रमिकों और महिलाओं की सुविधाओं को प्राथमिकता देने के लिए काम किया। उन्होंने कहा कि लाड़ली बहन जैसी योजनाएं उनकी पहल पर ही शुरू हुईं।
उन्होंने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के छह अलग हुए सांसदों के शिवसेना में विलय को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही उद्धव ठाकरे के छह सांसद अब शिंदे की शिवसेना के आधिकारिक सांसद बन गए हैं। इन छह सांसदों में यवतमाल-वाशिम लोकसभा क्षेत्र के सांसद संजय देशमुख ने शिंदे के शिवसेना में शामिल होने के कारणों का खुलासा किया। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के इस फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया भी दी। उन्होंने कहा कि जनता ने हमें विकास की उम्मीदों के साथ चुना था। हम उनकी उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके। सांसद संजय देशमुख ने बताया कि हम सभी छह सांसद विकास कार्य करवाना चाहते थे। इसीलिए शिंदे शिवसेना में शामिल हुए। निर्वाचन क्षेत्र में विकास कार्य ठप हो गए थे। रेलवे परियोजनाएं और अन्य बड़ी परियोजनाएं रुकी हुई थीं।
इसलिए हम छह लोगों ने मिलकर एक निर्णय लिया। फिर हमने एकनाथ शिंदे से अनुरोध किया। दो दिन पहले हमारी गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात हुई। उन्होंने हमें आश्वासन दिया कि निर्वाचन क्षेत्र में कोई भी विकास कार्य नहीं रुकेगा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शनिवार को छह सांसदों के शिंदे सेना में विलय को मंजूरी दी, इसके बारे में पूछे जाने पर संजय देशमुख ने कहा, परिणाम हमारे पक्ष में आना ही था। हम कानून के दायरे में रहकर शिंदे सेना में शामिल हुए हैं। हम छह सांसदों ने एक साथ बैठकर कानून का अध्ययन किया। हमें लोकसभा अध्यक्ष से ऐसे ही फैसले की उम्मीद थी।










