रोहित पवार ने किसानों को तत्काल प्रति हेक्टेयर एक लाख रु. मुआवजा देने की मांग
लोकवाहिनी, संवाददाता
उमरखेड़ (यवतमाल)। सोयाबीन का भाव छह हजार रुपये हो गया, तो इससे क्या फायदा? जब खेत में सोयाबीन की फसल ही नहीं बची, तो इस भाव का किसान क्या करेगा? यह तीखा सवाल उठाते हुए विधायक रोहित पवार ने शुक्रवार को उमरखेड़ में राज्य सरकार की किसान नीतियों पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने अतिवृष्टि, बारिश में लंबे अंतराल और फसल उत्पादन में भारी गिरावट से आर्थिक संकट में घिरे किसानों को तत्काल प्रति हेक्टेयर एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की।
छत्रपति शिवाजी महाराज चौक में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए पवार ने कहा कि पिछले दस वर्षों में सोयाबीन का उत्पादन अच्छा होने के बावजूद किसानों को उनकी उपज का उचित दाम नहीं मिला। दूसरी ओर खाद, कीटनाशक, डीजल, निर्माण सामग्री और शिक्षा सहित हर चीज की लागत लगातार बढ़ती गई, लेकिन सोयाबीन, कपास और तुअर के दाम में उसी अनुपात में वृद्धि नहीं हुई। इसके चलते किसान लगातार कर्ज के बोझ तले दबते चला गया। उन्होंने कहा, ‘आज सोयाबीन का भाव छह हजार रुपये दिखाई दे रहा है, लेकिन यदि किसान के खेत में एक क्विंटल भी सोयाबीन नहीं बचा है, तो उसे इस भाव का क्या फायदा होगा?’ पिछले वर्ष हुए नुकसान और इस साल की प्राकृतिक आपदा ने किसानों की आर्थिक स्थिति पूरी तरह बिगाड़ दी है। अब किसानों के लिए अगला साल कर्ज लेकर गुजारना भी मुश्किल हो गया है। पवार ने कहा कि यवतमाल जिले के पालकमंत्री और राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि वे जिले के किसानों की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान दें। लेकिन किसानों, खेत मजदूरों और विद्यार्थियों के मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय राजनीतिक सत्ता संघर्ष को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने किसानों की कर्जमाफी, फसल बीमा और नुकसान भरपाई के माध्यम से ठोस आर्थिक सहायता देने की मांग की। पवार ने कहा, ‘किसान जिंदा रहेगा, तभी खेती, बाजार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी जिंदा रहेगी।’
उन्होंने किसानों के सवालों को लेकर आंदोलन खड़ा करने के भी संकेत दिए। इस सभा में जिलाध्यक्ष प्राचार्य वर्षा निकम, विधानसभा अध्यक्ष राजू जयसवाल, प्रदीप देवसरकर, स्वप्निल कनवाले, भास्कर पंडاگले, सरोज देशमुख, प्रियंका चौधरी सहित राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।















