विरोध : देशभर के छात्रों से एकजुट होने की अपील
लोकवाहिनी, संवाददाता
मुंबई। नीट पेपर लीक मामले में छात्रों के तीव्र आंदोलन के बाद आखिरकार सरकार को पीछे हटना पड़ा और धर्मेन्द्र प्रधान ने अपने शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। दिल्ली में हुई इन घटनाओं के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। ऐसे में, एक ओर दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीजीपी और छात्रों का आंदोलन समाप्त हो चुका है, लेकिन जानकारी के अनुसार मुंबई में एक बार फिर छात्रों के मुद्दों को लेकर 9 अगस्त को विभिन्न छात्र संगठन रैली निकालेंगे। नीट परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, महाराष्ट्र के टीईटी पेपर लीक मामले, एमपीएससी छात्रों की समस्याएं, मराठी स्कूलों से जुड़े मुद्दे सहित कई छात्र समस्याओं को लेकर संयुक्त आंदोलन जारी रखा जाएगा।
इस बीच, देशभर में छात्रों द्वारा अपने मुद्दों को लेकर शुरू किया गया आंदोलन अब मुंबई में भी जारी रहेगा। मुंबई के विभिन्न छात्र संगठनों ने एक साथ आकर छात्रों के मुद्दों पर यह आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया है। संगठनों का कहना है कि छात्रों में यह विश्वास पैदा हुआ है कि अपने मुद्दों को उठाने के लिए केवल राजनीतिक दल ही नहीं, बल्कि छात्र भी एकजुट होकर संघर्ष कर सकते हैं। इसी वजह से छात्र संगठनों ने देशभार के विद्यार्थियों से एकजुट होने की अपील की है और यह आंदोलन जारी रहेगा।
इस बीच, क्रांति दिवस यानी 9 अगस्त को एक बार फिर राज्य के छात्रों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने के लिए छात्र संगठन संयुक्त रूप से आंदोलन करेंगे। छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों ने जानकारी दी है कि इसमें कॉकरोच जनता पार्टी, छात्र भारती, एआईएसएफ, एसएफएआई जैसे विभिन्न छात्र संगठन एक साथ आकर इस आंदोलन को आगे बढ़ाएंगे। पेपर लीक मामले के विरोध में छात्रों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था। इसके बाद सीजीपी ने 20 जुलाई को संसद मार्च की घोषणा की थी। मार्च के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े थे। इस घटना को लेकर विपक्ष ने संसद में भी सरकार को घेरा था। अब पैलेट गन के इस्तेमाल के दावे के कारण इस मामले ने और गंभीर मोड़ ले लिया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद वास्तव में क्या हुआ था, इसकी आधिकारिक तस्वीर स्पष्ट होगी।











