स्थापना दिवस समारोह में सुनेत्रा पवार ने नेताओं को चेतावनी दी
लोकवाहिनी, संवाददाता
मुंबई। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के 27वें स्थापना दिवस समारोह में पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनेत्रा पवार ने नेताओं को गंभीर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अब तक जो कुछ हुआ है उसे समझ लिया है, आगे यदि किसी का अनावश्यक हस्तक्षेप होता है तो उस पर निश्चित रूप से विचार किया जाएगा। हर कार्यकर्ता की निष्ठा, काम और समर्पण मेरी नजर में है। उचित समय पर उसे न्याय और अवसर मिलने का आश्वासन भी सुनेत्रा पवार ने दिया। राष्ट्रवादी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनेत्रा पवार ने पार्टी के भविष्य की दिशा स्पष्ट की। पार्टी हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अजितदादा जैसे कठोर निर्णय लेने के अनुसार निर्णय लिए जाएंगे।
सुनेत्रा पवार ने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद संभालते समय मुझे सबकी जानकारी थी। मैंने पार्टी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। अब तक पार्टी में जो कुछ भी हुआ, हर बार मैं सभी को समझकर सही दिशा दी, उन्हें सुदृढ़ किया। दादा ने अपनी जिंदगी में कार्यकर्ताओं को समझा, उनका हक दिया। उन्हें सम्मान दिया, पद दिए। जो भी मांगा, उसे देने का प्रयास किया। आगे भी पार्टी हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी, यदि किसी का अनावश्यक हस्तक्षेप हुआ तो निश्चित रूप से विचार किया जाएगा। दादा जैसे कठोर निर्णय लेते हैं, वैसे ही निर्णय लिए जाएंगे। यह मेरे स्वभाव के खिलाफ भी हो सकता है, लेकिन दादा के पदचिह्नों पर चलने का प्रयास करूंगी। मुझे भरोसा है कि पार्टी के कार्यकर्ता, पदाधिकारी पार्टी के हित में निर्णयों का समर्थन करेंगे। पार्टी की बदनामी मेरी ही नहीं, हमारे सभी की भी है। मुझे इस संदर्भ में कठोर भूमिका लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी, यह सब को ही सुनिश्चित करना चाहिए। सुनेत्रा पवार ने कहा कि प्रत्येक कार्यकर्ता की निष्ठा, काम और समर्पण मेरी नजर में है। उचित समय पर उसे न्याय और अवसर मिलेगा, इसकी निश्चितता है। जल्द ही विभिन्न महामंडलों की नियुक्तियां की जाएंगी। पार्टी की निष्ठा और समर्पण के आधार पर ये निर्णय लिए जाएंगे। पार्टी के लिए कितने साल काम किया, उससे कहीं अधिक यह देखा जाएगा कि पार्टी को कितनी आगे बढ़ाया जाए। बाहर से आए नेताओं का सम्मान बनाए रखने के लिए कुछ समझौते किए जाएंगे, लेकिन कार्यकर्ता पर अन्याय नहीं होने देंगे।
भुजबल एक खिलाड़ी और कलाकार हैं : तटकरे
पिछले कुछ दिनों से राष्ट्रवादी में आंतरिक विवाद की चर्चा चल रही है। खासकर प्रदेशाध्यक्ष सुनील तटकरे और वरिष्ठ नेता छगन भुजबल के बीच सबकुछ ठीक नहीं होने की बात कई बार सामने आई है। भुजबल ने भतीजे समीर भुजबल को मंत्रिमंडल में स्थान न मिलने से नाराजगी व्यक्त की थी। साथ ही उन्होंने कहा था कि मैं कबड्डी का खिलाड़ी हूं, बुद्धिबल का नहीं। उसके बाद अब प्रदेशाध्यक्ष सुनील तटकरे ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के सामने ही भुजबल के बयान पर तंज कसा है। सुनील तटकरे ने कहा कि छगन भुजबल कबड्डी के खिलाड़ी हैं और वे सिने कलाकार और निर्माता भी हैं। छगन भुजबल ने कबड्डी में एक-एक खिलाड़ी को आउट किया है और एक समय में सभी खिलाड़ियों को आउट कर देते हैं। शिवसेना में छगन भुजबल को दो बार महापौर पद प्राप्त किया, तो उन्होंने उस समय कई लोगों को चेकलेट किया? हमारे पक्ष में सभी प्रकार के खिलाड़ी हैं और इन सभी खिलाड़ियों को उत्पन्न किया है। यह बयान सुनेत्रा पवार के सामने दिया गया है।
यदि राष्ट्रवादी का मुख्यमंत्री होता; छगन भुजबल
छगन भुजबल ने शेरो-शायरी से भाषण की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि ऐसे अनेक कार्यकर्ता 27 वर्षों से इस पार्टी की उन्नति के लिए संघर्ष कर रहे हैं। प्रमोद महाजन ने कहा कि हम विधानसभा भंग करें और चुनाव हों। छह महीने पहले ही विधानसभा का गठन हो चुका था। यदि ये छह महीने मिल जाते तो राष्ट्रवादी का मुख्यमंत्री बन गया होता। अजितदादा ने भी ऐसा ही कहा था। अपने भाषण में भुजबल ने कहा कि मतभेद हो सकते हैं। मनभेद नहीं। दूसरों का ध्यान रखना। पद तो है न, कोई भी पद हो। वे कठोर हैं। उन्हें कभी नहीं निस्टने दिया जा सकता। कार्यकर्ता जीवंत चाहिये मन से। संघर्ष हमारा वारसा है। समर्पण हमारी पहचान बनी है।












