0 Comment
प्रस्तावना पानी किसी भी क्षेत्र के विकास का मूलभूत साधन है। कृषि, उद्योग, पेयजल, पर्यावरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था-इन सभी की नींव जलसंसाधन पर ही टिके होती है। महाराष्ट्र का विदर्भ क्षेत्र प्राकृतिक रूप से नदियों से समृद्ध होने के बावजूद, पानी का असमान वितरण इसकी सबसे बड़ी समस्या है। कुछ क्षेत्रों में हर वर्ष अत्यधिक... Read More







