आयोजन : मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में मुंबई में परिसंववाद व कार्यशाला
लोकवाहिनी, संवाददाता
मुंबई। महाराष्ट्र में जलसंसाधन के नियमन, पानी के कुशल उपयोग और जलप्रबंधन में पारदर्शिता को अधिक मजबूती देने के उद्देश्य से महाराष्ट्र जलसंसाधन नियमन प्राधिकरण का स्थापना दिवस गुरुवार, 13 अगस्त 2026 को मुंबई में आयोजित किया गया है। इस अवसर पर परिसंववाद व कार्यशाला का आयोजन किया गया है, और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की प्रमुख उपस्थिति में कार्यक्रम होगा। मुंबई के द पैलेस हॉल, नेशनल स्पोर्ट्स क्लब ऑफ इंडिया (एनएससीआई), वरली में सुबह 10 से दोपहर 2.30 बजे तक यह कार्यक्रम होगा। जलसंसाधन मंत्री गिरीश महाजन की प्रमुख उपस्थिति रहेगी, जबकि जलसंसाधन मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। जलसंसाधन विभाग के प्रधान सचिव एकनाथ डवले (भाप्रसे) की विशेष उपस्थिति रहेगी। कार्यक्रम में महाराष्ट्र जलसंसाधन नियमन प्राधिकरण की अध्यक्ष श्रीमती श्वेताली ठाकरे तथा प्राधिकरण के सदस्य इंजि. राजेंद्र मोहिते और डॉ. प्रभात जैन की भी उपस्थिति रहेगी। स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित परिसंववाद में राज्य के जलप्रबंधन के समक्ष मौजूद कई महत्वपूर्ण प्रश्नों पर विशेषों द्वारा विचार-विमर्श किया जाएगा। विशेष रूप से सिंचाई अनुशेष मापने की कार्यपद्धति व उपाययोजना, जलप्रदूषण, बढ़ता शहरीकरण, बढ़ता गैर सिंचाई आरक्षण और पानी की गुणवत्ता का मूल्यांकन जैसे विषयों पर चर्चा होगी।
कार्यक्रम की रूपरेखा के अनुसार सिंचाई अनुशेष मापने की कार्यपद्धति व उपाययोजनाओं पर गोदावरी मराठवाड़ा सिंचाई विकास महामंडळ के समन्वय से चर्चा होगी। इसके बाद जलप्रदूषण, बढ़ता शहरीकरण व बढ़ता गैर सिंचाई आरक्षण विषय पर महाराष्ट्र कृष्णा घाटी विकास महामंडळ के समन्वय से परिसंववाद व प्रस्तुतीकरण होगा। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण माझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड और महाराष्ट्र जलसंसाधन नियमन प्राधिकरण के बीच ‘जलशुल्क के प्रभावों का मूल्यांकन, परियोजना की वर्तमान स्थिति और उपाययोजना विषय पर समझौता ज्ञापन किया जाना होगा। इसके अलावा महाराष्ट्र जलसंपत्ति नियमन प्राधिकरण को 21 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर स्मरणिका प्रकाशन, पानी की गुणवत्ता के मूल्यांकन निर्धारण का प्रकाशन, डिजिटल तालिकाओं व रिपोर्ट का प्रकाशन और हकदारी के मानदंड का प्रकाशन जैसे विभिन्न उपक्रमों का आयोजन किया गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष व पूर्व सदस्यों का सम्मान भी किया जाएगा।
इसके बाद जलसंसाधन विभाग के विभिन्न महामंडलों के मंत्रियों का मनोगत और मुख्यमंत्री का मार्गदर्शनपरक मनोगत होगा। महाराष्ट्र में बढ़ती जनसंख्या, शहरीकरण, औद्योगिकीकरण और कृषि के लिए बढ़ती पानी की मांग के कारण जलसंसाधन का नियमन दिन-ब-दिन अधिक महत्वपूर्ण विषय बनता जा रहा है। एक ओर कुछ क्षेत्रों में पानी की कमी महसूस हो रही है, वहीं दूसरी ओर अतिवृष्टि, बाढ़, जलप्रदूषण और उपलब्ध पानी के असमान वितरण की समस्या बनी हुई है। इस पृष्ठभूमि में जलसंसाधन का नियमन करते समय पानी की न्यायसंगत वितरण, पानी की गुणवत्ता, जलशुल्क, सिंचाई अनुशेष और गैर सिंचाई उपयोग के संबंध में स्पष्ट और दीर्घकालीन नीति की आवश्यकता है। इसलिए प्राधिकरण के स्थापना दिवस के अवसर पर होने वाले इस परिसंववाद पर जलक्षेत्र के विशेषज्ञों और संबंधित घटकों का ध्यान लगा हुआ है। पानी केवल प्राकृतिक संपत्ति नहीं, बल्कि भविष्य की आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा का आधार है, इस भूमिका से राज्य के जलप्रबंधन को नई दिशा देने के लिए इस कार्यक्रम में होने वाली चर्चा महत्वपूर्ण साबित होने की संभावना है।












