राज्य में दरिंदों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी, मुख्यमंत्री का आदेश
लोकवाहिनी, संवाददाता:मुंबई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने यौन अपराधों पर सख्ती बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। फडणवीस ने ऐसे आरोपियों को पैरोल (अस्थायी रिहाई) देने पर पूरी तरह रोक लगाने के उद्देश्य से नया कड़ा कानून तैयार करने के निर्देश दिए हैं। यह फैसला मंगलवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान लिया गया, जहां मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जल्द से जल्द कानूनी मसौदा तैयार कर प्रस्ताव पेश करने को कहा। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने बैठक में चिंता जताई कि राज्य में यौन अपराधों के कई मामलों में आरोपी पहले भी इसी तरह के अपराधों में शामिल रह चुके हैं। उन्होंने बताया कि लगभग 80 से 90 प्रतिशत मामलों में आरोपी वे होते हैं जो पहले गिरफ्तार हो चुके होते हैं, लेकिन पैरोल पर बाहर आने के बाद दोबारा अपराध कर बैठते हैं। इस प्रवृत्ति को रोकने के लिए उन्होंने सख्त कानूनी प्रावधान की आवश्यकता पर जोर दिया।
फडणवीस ने यह भी उल्लेख किया कि उनके 2014 से 2019 के पिछले कार्यकाल के दौरान महाराष्ट्र सरकार ने इसी तरह का एक कानून लागू किया था, जिसके तहत यौन अपराधों के आरोपियों को पैरोल देने पर रोक लगाई गई थी। हालांकि, यह कानून करीब तीन साल तक लागू रहने के बाद न्यायालय द्वारा निरस्त कर दिया गया था। इस बार सरकार ऐसे प्रावधान लाने की तैयारी कर रही है जो न्यायिक जांच में भी टिक सकें और कानूनी रूप से मजबूत हों। यह कदम हाल ही में पुणे जिले के भोर तहसील में सामने आए एक बेहद दर्दनाक मामले के बाद उठाया गया है। इस मामले में 65 वर्षीय एक व्यक्ति पर चार साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या का आरोप है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी पहले भी दो बार इसी तरह के अपराधों में शामिल रह चुका था और पैरोल के दौरान ही उसने यह जघन्य वारदात अंजाम दी। इस घटना ने राज्य में कानून-व्यवस्था और पैरोल प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि प्रस्तावित कानून में ऐसे ठोस प्रावधान शामिल किए जाएं, जिससे यौन अपराधों के आरोपियों को किसी भी परिस्थिति में पैरोल का लाभ न मिल सके। साथ ही, कानून बनाते समय संवैधानिक प्रावधानों और न्यायालय के पिछले फैसलों को ध्यान में रखने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि भविष्य में इसे कानूनी चुनौती का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि उन्होंने पीड़ित परिवार से खुद बात की थी और भरोसा दिलाया है कि आरोपी को सख्त से सख्त सजा दिलाने के लिए सरकार हरसंभव प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार चार्जशीट समय पर दाखिल कर मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने की दिशा में काम कर रही है ताकि आरोपी को जल्द से जल्द मृत्युदंड की सजा मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में कानून के दायरे में रहकर ही न्याय मिलता है। भावनाएं चाहे कुछ भी हों, लेकिन कानूनी प्रक्रिया के जरिए ही दोषी को ऐसी सजा दिलाई जाएगी कि भविष्य में कोई ऐसा अपराध करने की हिम्मत न करे।
फडणवीस गृह मंत्री पद से इस्तीफा दें : प्रणिति शिंदे
राज्य की वर्तमान कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए सोलापुर से सांसद प्रणिति शिंदे ने मुख्यमंत्री और गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व पर हमला बोलते हुए कहा कि सोलापुर जैसे प्रमुख शहर में मात्र तीन दिनों के भीतर दस हत्याएं होना इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि राज्य का गृह विभाग पूरी तरह से विफल हो चुका है। शिंदे ने कड़े शब्दों में मांग की कि यदि फडणवीस गृह मंत्रालय की जिम्मेदारियां संभालने में सक्षम नहीं हैं, तो उन्हें नैतिकता के आधार पर तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। सांसद शिंदे ने नसरापुर में हुई मासूम बच्ची की हत्या का विशेष रूप से जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री के रवैये को “अमानवीय” करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब पूरा प्रदेश एक साढे तीन साल की बच्ची की क्रूर हत्या से शोक में डूबा था, तब मुख्यमंत्री और उनकी पार्टी के कार्यकर्ता जश्न मनाने और नए प्रोजेक्ट्स के उद्घाटन कार्यक्रमों में व्यस्त थे। उनके अनुसार, वर्तमान सत्ताधारियों के लिए चुनाव और राजनीति ही सब कुछ है, जबकि आम जनता की सुरक्षा उनके लिए कोई प्राथमिकता नहीं रह गई है।








