सीपियां इकट्ठा करते समय डूबे, 7 महिलाएं शामिल, मुआवजे की घोषणा
लोकवाहिनी, संवाददाता:करवार। उत्तर कन्नड़ जिले में थट्टे हक्कलु नदी में सीपियां इकट्ठा करने की कोशिश कर रहे एक ही परिवार के आठ लोगों की डूबने से मौत हो गई, जिनमें सात महिलाएं शामिल हैं। घटना में दो अन्य लोग लापता बताए जा रहे हैं। पुलिस सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी। इस घटना पर शोक व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की मुआवजा राशि देने की घोषणा की।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, शिराली गांव के लगभग 14 लोग नदी में सीपियां इकट्ठा करने के लिए उतरे थे। नदी तटों और तटीय क्षेत्रों में रहने वाले स्थानीय समुदायों की यह पारंपरिक गतिविधि है। उन्होंने कहा, इस दौरान वे पानी के स्तर का सही आकलन किए बिना नदी के गहरे हिस्से में चले गए। अचानक तेज धारा में फंसकर एक या दो लोग बह गए। अधिकारियों के अनुसार, इसके बाद पानी में फंसे लोगों को बचाने के प्रयास में कुछ व्यक्ति नदी में कूद गए। इस दौरान तेज धारा में और भी लोग फंस गए।
पुलिस सूत्रों ने कहा कि अब तक आठ शव बरामद किए जा चुके हैं और दो व्यक्ति लापता हैं। उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान उमेश मंजूनाथ नाइक (40), लक्ष्मी महादेव नाइक (42), लक्ष्मी जट्टप्पा नाइक (30), लक्ष्मी अपना नाइक (60), लक्ष्मी शिवराम नाइक (49), ज्योति मस्तम्मा नाइक (34), मालती नाइक (38) और मस्तम्मा नाइक (60) के रूप में हुई है, जो भटकल तहसील के शिराली में रहते थे। (पेज 6 पर)
पीएम मोदी ने भी की मुआवजे की घोषणा
कर्नाटक के करवार जिले में हुई दुखद घटना के बारे में सुनकर मैं गहरे सदमे में हूं। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, उनके प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। मैं प्रार्थना करता हूं कि घायल लोग जल्द स्वस्थ हों। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से मृतकों के परिजनों को दो लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी।









