उच्च न्यायालय के आदेश से धार्मिक विधियों को मिली अनुमति
सुरक्षा के बीच मनेंगे उरूस और बकरी ईद के आयोजन
कोल्हापुर के विशाळगढ़ से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मामला सामने आया है, जहाँ मुंबई उच्च न्यायालय के कोल्हापुर सर्किट बेंच ने धार्मिक परंपराओं से संबंधित कुर्बानी की अनुमति प्रदान की है। यह अनुमति उरूस और बकरी ईद के अवसर को ध्यान में रखते हुए दी गई है।
न्यायालय के आदेश के अनुसार, 28 मई से 2 जून तक विशाळगढ़ परिसर में कुर्बानी और अन्य धार्मिक विधियों का आयोजन किया जा सकेगा। हालांकि, इसके लिए वर्ष 2024 में निर्धारित न्यायालयीन नियमों और शर्तों का सख्ती से पालन करना अनिवार्य होगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी गतिविधियाँ पूरी निगरानी और नियंत्रित व्यवस्था के तहत ही संपन्न होंगी।
इससे पहले शाहूवाड़ी तहसील प्रशासन ने 27 मई से गढ़ परिसर में पशु वध पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था। लेकिन अब उच्च न्यायालय के नए आदेश के बाद इस निर्णय में बदलाव आया है और धार्मिक आयोजनों की अनुमति दी गई है।
शाहूवाड़ी की तहसीलदार सीमा सोनवणे ने जानकारी दी कि सभी धार्मिक विधियाँ प्रशासन की सीधी निगरानी में संपन्न कराई जाएंगी। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन की विशेष टीमों की तैनाती की गई है।
प्रशासन का उद्देश्य है कि धार्मिक परंपराएँ भी निभाई जाएँ और साथ ही क्षेत्र में शांति एवं सौहार्द बना रहे। इस निर्णय के बाद स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।












