होरमुज फिर बंद करने की तैयारी, लेबनान पर हमलों के विरोध में फैसला : दोनों ने एक-दूसरे को बनाया निशाना
तेहरान, एजेंसी
ईरान ने अमेरिका के साथ सभी बातचीत रोक दी है। लेबनान में बढ़ते संघर्ष से जुड़े बार-बार हो रहे सीजफायर उल्लंघन के जवाब में होरमुज को पूरी तरह से बंद करने की तैयारी कर रहा है। ईरानी न्यूज एजेंसी तस्नीम के मुताबिक, तेहरान ने कहा है कि जब तक लेबनान में इजराइली हमले नहीं रुकते, तब तक मध्यस्थों के जरिए अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं होगी। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान का कहना है कि लेबनान में शांति बनाए रखना सीजफायर की अहम शर्तों में शामिल था। लेकिन अब लेबनान समेत कई मोर्चों पर इस समझौते का उल्लंघन हो रहा है। ईरान ने गाजा और लेबनान में इजराइल की सैन्य कार्रवाई तुरंत रोकने और लेबनानी क्षेत्र से इजराइली सेना की पूरी वापसी की मांग की है।
इससे पहले ताजा घटनाक्रम में अमेरिका ने दावा किया है कि उसने इस वीकेंड ईरान के ड्रोन कमांड ठिकानों पर हमला किया है। अमेरिका ने रविवार को कहा कि उसने इस वीकेंड ईरान के गोरुक और केशम द्वीप पर स्थित ईरानी रडार और ड्रोन नियंत्रण स्थलों पर आत्मरक्षा में हमले किए। अमेरिका ने इसे तेहरान की आक्रामक कार्रवाइयों का जवाब बताया। अमेरिकी एमक्यू-1 ड्रोन को मार गिराया था, जो अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र के ऊपर उड़ान भर रहा था। कैंटकॉम ने कहा कि अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरानी हवाई सुरक्षा प्रणालियों, एक ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन और दो ‘वन-वे’ (एकतरफा) हमलावर ड्रोनों को नष्ट कर दिया। उसने यह भी बताया कि इस दौरान किसी भी अमेरिकी सैन्यकर्मी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। वहीं, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआईजीसी) ने सोमवार को कहा कि उसकी एयरोस्पेस सेना ने उस एयरबेस को निशाना बनाया, जिसका इस्तेमाल उसके अनुसार सिरिक द्वीप पर एक टेलीकॉम टावर पर अमेरिका द्वारा किए गए हमले में किया गया था। हालांकि, उसने उस एयरबेस की जगह के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। पिछले हफ्ते भी दोनों देशों के बीच जवाबी हमले हुए थे। तब अमेरिका की सेना ने होरमुज स्ट्रेट के पास चल रहे एक ईरानी ड्रोन अभियान को निशाना बनाते हुए हमले किए थे। इस बात की जानकारी वॉशिंगटन के एक अधिकारी ने दी थी। उसके बाद ईरान ने एक अमेरिकी हवाई अड्डे को निशाना बनाया था।
मसूद पेजेशकयन के इस्तीफे की खबरों को किया खारिज
ईरान में राष्ट्रपति मसूद पेजेशकयन के इस्तीफे की खबरों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा रखी थी। लेकिन अब खुद राष्ट्रपति ने सामने आकर इन तमाम अटकलों पर विराम लगा दिया है। अल अरबिया की रिपोर्ट के मुताबिक पेजेशकयन ने साफ शब्दों में कहा कि वह अपना पद नहीं छोड़ रहे हैं और सामान्य रूप से अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं अपना काम जारी रखूंगा और किसी भी स्थिति के लिए तैयार हूं।’ उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान की राजनीतिक और आर्थिक स्थिति को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। रविवार को कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि राष्ट्रपति ने अपने पद से इस्तीफे की पेशकश की है। उन्होंने सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को अपना इस्तीफा दे दिया है। पेजेशकयन ने कहा कि उनकी सरकार समस्याओं को छिपाने के बजाय जनता के सामने वास्तविक रूप में रख रही है। उन्होंने कहा, ‘हम ईरानी जनता के सामने समस्याओं को उनके वास्तविक स्वरूप में प्रस्तुत करते हैं।’ राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि मौजूदा संकट की गंभीरता को लेकर लोगों के साथ पारदर्शिता बरतना जरूरी है ताकि चुनौतियों का सामना मिलकर किया जा सके।












