भारतीय नाविक की मौत पर ईरानी राजदूत तलब, भारत आ रहे 11 जहाज अटके
नई दिल्ली। भारत ने होर्मुज जलडमरूमध्य में दो व्यापारिक जहाजों पर ईरान के हमले की घटना के बाद ईरान के दूतावास के उप प्रमुख को तलब किया और इन हमलों को लेकर कड़ा विरोध जताया। इन हमलों में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई और 10 अन्य घायल हो गए। भारत ने वाणिज्यिक पोत ‘एमटी अल बहिया’ और ‘एमटी मोम्बासा’ पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की है, जिन पर कुल 30 भारतीय नाविक सवार थे। भारत ने पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता लाने के लिए हिंसा को तुरंत रोकने और बातचीत व कूटनीति का रास्ता अपनाने की अपनी अपील दोहराई।
मंत्रालय ने कहा, इन हमलों की निंदा करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर इस तरह के हमले तुरंत बंद होने चाहिए। पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव चिंता का विषय है। उसने सभी पक्षों से हिंसा रोकने, बातचीत और कूटनीति का रास्ता अपनाने की अपील की। विदेश मंत्रालय ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट जैसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर जहाजों की सुरक्षित आवाजाही और व्यापार हर हाल में सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इस बीच विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी है कि भारत से जुड़े 11 जहाज और 148 भारतीय नाविक फिलहाल फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं। ये सभी जहाज होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने का इंतजार कर रहे हैं। मंत्रालय ने कहा, विशेषकर क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों और नागरिक ढांचों को निशाना बनाना बंद होना चाहिए, ताकि अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक क्षेत्र के अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से जहाजों की आवाजाही और व्यापार बिना किसी रुकावट के जल्द से जल्द फिर से बहाल हो सके।
विदेश मंत्रालय ने मारे गए भारतीय नागरिक के परिवार के प्रति गहरी संवेदना जताई और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की। मंत्रालय ने कहा कि संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में भारतीय मिशन हालात पर बारीकी से नजर रख रहे हैं और प्रभावित भारतीय नाविकों को हर संभव मदद दिलाने के लिए खाड़ी देश के संबंधित अधिकारियों के संपर्क में हैं। बयान में कहा गया है, विदेश मंत्रालय ने आज सुबह नई दिल्ली में ईरान दूतावास के उप प्रमुख को तलब किया और इन हमलों के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस वार्ता में कहा कि ईरान के राजनयिक के सामने भारत ने कड़ा विरोध जताया और कहा कि इन हमलों को जल्द से जल्द रोका जाना चाहिए।













