वागदेवी के मंदिर पर हाई कोर्ट के आदेश को सुको ने रखा बरकरार, राज्य और केंद्र को नोटिस
लोकवाहिनी, संवाददाता
नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में धार स्थित भोजशाला को वागदेवी मंदिर घोषित करने के हाई कोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक नहीं लगाई है। हालांकि शीर्ष अदालत ने परिसर के पास ही कोई खुली वैकल्पिक जगह मुसलमानों को शुक्रवार की नमाज के लिए मुहैया कराने का आदेश दिया है। इसके साथ ही कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली मुस्लिम पक्ष की याचिकाओं पर मध्य प्रदेश सरकार, केंद्र सरकार और भारत पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को नोटिस जारी किया है। ये भी निर्देश दिया है कि सुप्रीम कोर्ट की इजाजत के बगैर एएसआई इमारत में कोई ढांचागत बदलाव नहीं करेगी।
मामले पर कोर्ट तीन सप्ताह बाद फिर सुनवाई करेगा। ये आदेश प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, जॉयमाल्य बागची और वी. मोहना की पीठ ने हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली मुस्लिम पक्ष की याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान दिये। मुस्लिम पक्ष की ओर से हाई कोर्ट के आदेश पर अंतरिम रोक लगाने और पूर्व स्थिति बहाल करने की मांग की गई। मुस्लिम पक्ष की ओर से पेश वरिष्ठ वकील हुजैफा अहमदी और अभिषेक मनु सिंघवी, मिनाक्षी अरोड़ा ने जोरदार बहस करते हुए कहा कि लंबे समय से परिसर में नमाज होती चली आ रही है। और कई दस्तावेजों में इसे मस्जिद माना गया है। इन चीजों पर ध्यान दिए बगैर हाई कोर्ट ने परिसर को मंदिर घोषित करने का आदेश दे दिया।













