विधायकों का दबाव, सांसदों की भी राय जानी गई
लोकवाहिनी, संवाददाता
मुंबई। भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए के साथ जाने की तैयारी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के शरद पवार गुट ने शुरू कर दी है। इस संबंध में पार्टी के दस में से नौ विधायकों की राय वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल ने जान ली है। उन्होंने पार्टी के सांसदों से भी बात की है और पार्टी अध्यक्ष शरद पवार से चर्चा कर जल्द ही निर्णय लिया जाएगा, ऐसी जानकारी पाटिल ने उन्हें दी है, यह जानकारी विश्वसनीय सूत्रों ने दी है। मानसून सत्र के अंतिम चरण में विधायकों की बैठक विधान भवन में ही हुई। इस बैठक में रोहित पवार को छोड़कर पार्टी के नौ विधानसभा सदस्य उपस्थित थे। इस बैठक में पहले पाटिल ने सभी विधायकों की राय जानी। जानकारी है कि अधिकांश विधायकों ने भाजपा के साथ जाने का आग्रह किया। राष्ट्रवादी के अजित पवार गुट में विलय होने के बजाय अपनी पार्टी को सीधे भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए का घटक दल बनना चाहिए, ऐसी सलाह विधायकों ने दी। निर्वाचन क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए निधि चाहिए और 2029 में अच्छी सफलता हासिल करनी है तो भाजपा के साथ और परिणामस्वरूप एनडीए के साथ जाना आवश्यक है, ऐसा मत अधिकांश विधायकों ने उस बैठक में व्यक्त किया, ऐसा बताया जा रहा है। ऐसी बैठक होने की खबर की पुष्टि नाम न बताने की शर्त पर पार्टी के तीन विधायकों ने की।
रोहित पवार हालांकि दूर ही
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नौ विधायकों की बैठक से विधायक रोहित पवार को दूर रखा गया। भाजपा के साथ जाने का पार्टी के निर्णय का उनका तीव्र विरोध होने के कारण उन्हें दूर रखा गया, ऐसी चर्चा है। दूसरी ओर, रोहित पवार ने भी प्रत्येक विधायक को फोन कर पूछा कि क्या वे भाजपा के साथ जाने की मानसिकता में हैं, ऐसी जानकारी है।
निर्णय शरद पवार लेंगे
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आपकी अपेक्षाओं के संबंध में मैं शरद पवार और सांसद सुप्रिया सुले से चर्चा करूंगा। फिलहाल एनडीए के साथ जाना एक विकल्प दिखाई दे रहा है, लेकिन अंतिम निर्णय शरद पवार लेंगे। जल्द ही आपको पार्टी का निर्णय पता चलेगा, ऐसा जयंत पाटिल ने इस बैठक में कहा, यह भी जानकारी सामने आई है। भाजपा के साथ जाने को लेकर सांसदों की मानसिकता क्या है, यह भी पाटिल ने एक-एक सांसद से बात करके जाना है, ऐसा बताया जा रहा है।












