खेल प्रतिनिधि
ईस्ट रदरफोर्ड। पूरे टूर्नामेंट में सिर्फ एक गोल गंवाने वाली स्पेन के अभेद्य रक्षण में लियोनेल मेस्सी भी सेंध नहीं लगा सके और लगातार दूसरा विश्व कप जीतने का उनका सपना आखिरी तिलिस्म पर आकर टूट गया। फेरान टोरेस ने 106वें मिनट में गोल करके स्पेन को 16 साल बाद विश्व चैंपियन बना दिया। इस विश्व कप का उनका पहला गोल उनके जीवन का सबसे अनमोल गोल बन गया जिसने स्पेन को ट्रॉफी दी और इस खूबसूरत खेल के महानतम खिलाड़ियों में से एक मेस्सी को आंसुओं के साथ विदाई। टोरेस ने जीत के बाद स्पेन के लोगों का जिक्र करते हुए कहा, ‘यह गोल 47 मिलियन लोगों ने किया था।’ टोरेस स्थानापन्न खिलाड़ी के तौर पर उतरे और अतिरिक्त समय के दूसरे हाफ में यह गोल दागकर स्पेन को 1-0 से जीत दिलाई। उन्होंने बॉक्स के भीतर हवा में आई गेंद पर अपने बाएं पैर से कब्जा करके शॉट लगाया और अर्जेंटीना के गोलकीपर उसे बचा नहीं सके।
यह 2010 के बाद स्पेन का दूसरा विश्व खिताब है। टूर्नामेंट में आठ मैचों में सिर्फ एक गोल गंवाने वाली स्पेन ने चैम्पियन द्वारा सबसे कम गोल गंवाने का विश्व रिकॉर्ड भी बनाया। वहीं पूरे टूर्नामेंट में आखिरी मिनटों में चमत्कारिक वापसी करती अर्जेंटीना उस प्रदर्शन को दोहरा नहीं सकी।
उपविजेता का पदक लेने के बाद मेस्सी अपने आंसू नहीं रोक सके और दर्शक दीर्घा में बैठे अर्जेंटीना के समर्थकों की ओर देखकर कहा, ‘मुझे दुख हो रहा है। लेकिन ईमानदारी से कहूं तो उन्होंने बेहतर खेला। हमने पूरी कोशिश की थी।’ निर्धारित समय तक गोलरहित बराबरी के बाद मैच अतिरिक्त समय में खिंचा था। स्पेन की महिला फुटबॉल टीम ने भी 2023 में विश्व कप जीता था और स्पेन एक ही साथ महिला और पुरुष फुटबॉल विश्व कप जीतने वाला पहला देश बन गया। स्कोर से भले ही लगे कि यह मैच कांटे का था लेकिन असलियत यह है कि पूरे मैच में स्पेन का दबदबा था।
अतिरिक्त समय के दूसरे हाफ में मानो अर्जेंटीना की टीम जागी लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। स्पेन अब पिछले 38 मैचों से अपराजये है जिसमें उसने 29 मैच जीते और नौ ड्रॉ खेले। यह किसी यूरोपीय टीम का अपराजये रहने का सबसे बड़ा सिलसिला है। इससे पहले इटली ने अक्टूबर 2018 से सितंबर 2021 के बीच 37 मैचों में हार का सामना नहीं किया था। मेस्सी ने कहा, ‘हम हार गए और हम इसे स्वीकार करते हैं। लेकिन इसके यह मायने नहीं हैं कि हमने अब तक जैसा खेला, उसे भूल जायेंगे।’
मैने अपने देशवासियों, अपने खिलाड़ियों और देश को धन्यवाद देता हूँ। मैं उनसे कहना चाहता हूं कि हमने कोशिश की।’ अर्जेंटीना को 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा जब दूसरे हाफ के स्टॉपेज टाइम में उन्हें दूसरा पीला कार्ड दिखाया गया। उन्हें स्पेन के डिफेंडर पाऊ कुबारासी से खतरनाक ढंग से टकराने के कारण कार्ड मिला। स्पेन ने गोल पर 20 शॉट लगाये जबकि अर्जेंटीना ने पहला संजीदा प्रयास अतिरिक्त समय के दूसरे हाफ में दिखाया। स्पेन ने मैच की पहली दस कार्नर किक में से नौ हासिल कीं। अर्जेंटीना के लिये उसके गोलकीपर एमिलियानो मार्तिनेज ने जबरदस्त प्रदर्शन किया और विश्व कप फाइनल में रिकॉर्ड 12 शॉट बचाये।
मेस्सी ने आखिरी सीटी बजने से चार मिनट पहले कॉर्नर किक ली और गेंद रिजर्व खिलाड़ी जियुलियानो सिमोन की ओर गई जिन्होंने इसे हवा में उछाला और वह क्रॉसबार के ऊपर से निकल गई। टोरेस ने मैच के बाद कहा, ‘जब दूसरी टीम में मेस्सी हो तो आप नर्वस तो होंगे ही। लेकिन हमने एक टीम के रूप में अपना खेल दिखाया, जो हम हमेशा दिखाते आये हैं।’ इसके साथ ही स्पेन के कोच लुईस डे ला फुएंते 65 वर्ष की उम्र में किसी टीम को खिताब दिलाने वाले सबसे उम्रराज कोच बन गए। अर्जेंटीना के कोच लियोनेल स्कालोनी ने कहा, ‘हम दुखी हैं लेकिन हमने पूरी कोशिश की। स्पेन की टीम बेहतर थी।’ 39 वर्ष के मेस्सी पहले ही संकेत दे चुके हैं कि यह उनका आखिरी विश्व कप था।
मेस्सी के दौर में फुटबॉलप्रेमियों ने मैदान पर चमत्कार होते देखे। मेस्सी ने 2022 विश्व कप, 2008 बीजिंग ओलंपिक स्वर्ण पदक, 2021 और 2024 कोपा अमेरिका खिताब के साथ 19 साल में 16 बार अर्जेंटीना के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का पुरस्कार जीता है। अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा की मेजबानी में 48 टीमों के इस सबसे बड़े विश्व कप का यह 104वां मैच था।
इसे देखने के लिये टॉम क्रूज, ब्रैड पिट, जेनिफर हडसन, डैनियल क्रेग, जेनिफर कोनोली जैसे हॉलीवुड सितारे मौजूद थे जबकि काका, जिनेदीन जिदान, डेविड Бекहम, दिदियेर ड्रोग्बा, रोनाल्डो, रोनाल्डिन्हो जैसे दिग्गज पूर्व फुटबॉलर भी दर्शक दीर्घा में थे।












