मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की खुली चुनौती
लोकवाहिनी, संवाददाता
मुंबई। दिल्ली में कॉक्रोच जनता पार्टी के आंदोलन को लेकर राजनीति गरमा गई है. नीट पेपर लीक को लेकर कांग्रेस और विपक्ष ने मोदी सरकार को घेरा है. छात्रों के आंदोलन के कारण मोदी सरकार के बैकफुट पर आने की चर्चा राजनीतिक गलियारों में हो रही है. संसद में भी इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच हंगामा देखने को मिल रहा है. लेकिन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राहुल गांधी और विपक्ष को चुनौती दी है कि वे नीट पेपर लीक के मुद्दे पर संसद में चर्चा करें. फडणवीस की इस चुनौती के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाएँ तेज हो गई हैं. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मीडिया से बातचीत करते हुए विपक्ष पर जोरदार हमला बोला. उन्होंने कहा, राहुल गांधी पलायनवादी रवैया छोड़ें, उसके बाद संसद में चर्चा करें. लोकतंत्र में फैसले सड़कों पर नहीं, संसद में होते हैं.
यदि आपको देश के संविधान पर विश्वास है, तो संसद में चर्चा करें. जवाब चाहिए तो संसद में मांगें. यदि आपके पास कोई ठोस प्रस्ताव है, तो सरकार को उसे लागू करने के लिए मजबूर करें. आंदोलनों के सहारे राजनीतिक रोटियां सेंकना बंद करें. छात्रों के हित से जुड़े फैसले चर्चा के माध्यम से ही होंगे. मोदी ने छात्रों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है. उन्होंने पेपर लीक के आरोपियों को सज़ा देने का संकल्प लिया है. मुझे लगता है कि इस पूरे मामले में मोदीजी ने कड़ा रुख अपनाया है. नीट की परीक्षा बिना किसी बाधा के हुई है. छात्र परीक्षा पास होने पर खुशी मना रहे हैं. आगे भी परीक्षाएँ इसी तरह हों, इसके लिए यह चर्चा आवश्यक है. यूपीए सरकार के समय शिक्षा का बजट आठ हजार करोड़ रुपये था, जिसे अब बढ़ाकर 1 लाख 39 हजार करोड़ रुपये कर दिया गया है. सभी प्रमुख संस्थानों में सीटें बढ़ाई गई हैं.
छात्रों के लिए नए अवसर उपलब्ध कराए गए हैं. लेकिन विपक्ष इस पर चर्चा नहीं करना चाहता. कर्नाटक, तेलंगाना और पंजाब में भी पेपर लीक हुए. इसके लिए क्रमशः कांग्रेस और ‘आप’ को जवाब देना होगा. उनके हर पेपर में घोटाले हुए हैं. उनके घोटाले सामने आ जाएँगे, इसलिए वे संसद में चर्चा नहीं करना चाहते. अराजकता फैलाने के लिए सब कुछ किया जा रहा है. राज्य में टीईटी घोटाला ठाकरे सरकार के समय हुआ था. उनके मंत्रियों पर कई आरोप लगे थे. केवल पेपर लीक ही नहीं, बल्कि फेल छात्रों को पास कराने की कोशिश की गई थी, ऐसा गंभीर आरोप फडणवीस ने लगाया.











