दोषियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा, पंवार समाज आक्रामक
लोकवाहिनी, संवाददाता
नागपुर। जरीपटका स्थित राजकुमार केवलरामानी हाईस्कूल में बुधवार को दोपहर के भोजन अवकाश के दौरान स्कूल परिसर में खेलते समय तीसरी कक्षा के छात्र फणीत कटरे की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह गिर पड़ा। उसे तत्काल पहले जनता अस्पताल और बाद में मेयो अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद पंवार समाज आक्रामक होकर गुरुवार को स्कूल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। आंदोलन में बड़ी संख्या में परिजन और स्थानीय नागरिक स्कूल पहुंचे और स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था तथा बुनियादी सुविधाओं पर गंभीर सवाल उठाए। अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल में बच्चों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त निगरानी और आवश्यक व्यवस्थाएं नहीं थीं। घटना की जानकारी मिलते ही जरीपटका पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखी। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने भी स्कूल का निरीक्षण किया और प्रारंभिक जांच के लिए तीन शिक्षकों की समिति गठित कर दी है। इस बीच शिवसेना (शिंदे गुट) उत्तर नागपुर विधानसभा संयोजक गणेश सोलंके ने राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर मामले की उच्चस्तरीय जांच, स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और सुरक्षा मानकों की समीक्षा की मांग की है। जरीपटका पुलिस स्टेशन के पुलिस निरीक्षक ने कहा, मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मृत्यु के वास्तविक कारण की पुष्टि मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
शिक्षक ने छात्र का कॉलर पकड़कर पीटा, मां की शिकायत पर मामला दर्ज
14 वर्षीय बालक अवसाद में डूबा
नागपुर। गांधीबाग में गरीबी से जूझ रहे एक स्कूली छात्र को उस समय बेहद अपमानित होना पड़ा जब उसके शिक्षक ने उसे कॉलर से पकड़कर पूरी कक्षा के सामने अपराधी की तरह पीटा। उस छात्र का आत्मसम्मान चकनाचूर हो गया। इस पिटाई की वजह से छात्र का मानसिक संतुलन बिगड़ने की जानकारी सामने आयी है। यह घटना गांधीबाग स्थित आदर्श विद्यामंदिर स्कूल में सामने आई। बच्चे की मां की शिकायत के अनुसार, कुछ छात्र ईबीसी छात्रवृत्ति फॉर्म लेकर स्कूल परिसर में खड़े थे। उसी समय स्कूल के मॉनिटर ने बच्चों को देखा। मॉनिटर बच्चों को अपने साथ लेकर शिक्षक के पास गया। बच्चों के हाथों में मौजूद ईबीसी आवेदन पत्रों पर मुहर लगी हुई थी। शिक्षक ने पूछा कि यह मुहर कहां से मिली। इस पर छात्रों ने बताया कि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है। जब शिक्षक ने बार-बार पूछा, तो 14 वर्षीय लड़के ने जवाब दिया कि आप हमसे बड़े हैं, और आपको पता होना चाहिए। छात्र के इस जवाब से क्रोधित होकर शिक्षक ने उसकी कमीज का कॉलर पकड़ा और उसे थप्पड़ मारने लगा। शिक्षक यहीं नहीं रुका। वह उसे पहली मंजिल पर ले गया और महिला शिक्षक के सामने उसकी पिटाई की। एक साधारण से जवाब के कारण पूरी कक्षा के सामने हुए इस अपमानजनक व्यवहार से छात्र को गहरा सदमा लगा। शिक्षक के सबके सामने किए गए अपमानजनक व्यवहार से लड़का मानसिक रूप से आहत होकर अवसाद में चला गया। स्कूल से घर लौटने के बाद लड़के ने कुछ नहीं कहा, इसलिए मामला कोतवाली पुलिस स्टेशन पहुंचा। इसके बाद पुलिस ने गंभीरता से संज्ञान लेते हुए शिक्षक के खिलाफ मामला दर्ज किया। बच्चे की मां ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि सबके सामने हुए अपमानजनक व्यवहार और मारपीट से लड़का मानसिक रूप से आहत है। कोतवाली थानेदार प्रशांत जुमड़े ने मामला दर्ज होने की पुष्टि की है।










