अमरावती। मेलघाट के धारणी तहसील स्थित शासकीय आदिवासी आश्रमशाला में 69 विद्यार्थियों के खाद्य विषाक्तता का शिकार होने के मामले को महाराष्ट्र राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने गंभीरता से लिया है. आयोग की सचिव वंदना जैन ने सोमवार, 27 जुलाई को एकात्मिक आदिवासी विकास परियोजना अधिकारी, जिला स्वास्थ्य अधिकारी तथा जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी को नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर पूरे मामले की विस्तृत एवं तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं. आयोग ने नोटिस में प्रभावित विद्यार्थियों की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति, उन्हें दिए जा रहे चिकित्सा उपचार तथा अभी उपचाराधीन बच्चों की स्वास्थ्य रिपोर्ट की जानकारी मांगी है. साथ ही सेंट्रल किचन से आश्रमशाला के विद्यार्थियों को उपलब्ध कराए गए भोजन के नमूनों की प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने को कहा गया है. आयोग ने प्रशासन से यह भी पूछा है कि घटना के बाद अब तक क्या कार्रवाई की गई है.
विशेष रूप से सेंट्रल किचन के ठेकेदार, गुणवत्ता निरीक्षकों और मामले में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध की गई कानूनी कार्रवाई का पूरा विवरण सात दिनों के भीतर देने के निर्देश दिए गए हैं. इस मामले में पहले ही पुणे की ठेका कंपनी के संचालकों सहित छह लोगों के खिलाफ धारणी पुलिस थाने में मामला दर्ज किया जा चुका है. इसके अलावा आयोग ने आदिवासी विकास विभाग, प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त निरीक्षण टीम द्वारा आश्रमशाला का दौरा कर तैयार की गई रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं. भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रशासन द्वारा लागू की गई आपातकालीन एवं निवारक सुरक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी भी मांगी है. बाल अधिकार संरक्षण आयोग की इस सख्त कार्रवाई के बाद संबंधित विभागों में हलचल तेज हो गई है और अब सभी की नजर सात दिनों में प्रस्तुत की जाने वाली जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है.












