विदर्भ समर्थक ने केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री, राजस्वतमंत्री का मांगा इस्तीफा
लोकवाहिनी, संवाददाता
नागपुर। दिल्ली के जंतर-मंतर और देश भर के शहरों में छात्रों के सफल प्रदर्शन के बाद, ई-20 पार्टी का गठन हो चुका है और एथेनॉल के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी गई है। छात्रों की इस सफलता से देश में चल रहे विरोध प्रदर्शन को नई ऊर्जा मिली है। अब, विदर्भ के कार्यकर्ता, जो पिछले कई वर्षों से अलग विदर्भ की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, भी कमर कस चुके हैं और उन्होंने मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों के इस्तीफे की सीधी मांग कर दी है। इसके चलते, अलग विदर्भ आंदोलन के फिर से भड़कने की संभावना बढ़ गई है। विदर्भ राज्य आंदोलन समिति द्वारा सोशल मीडिया पर प्रसारित संदेश में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले को निशाना बनाया गया है। समिति ने कहा है कि मुख्यमंत्री फडणवीस द्वारा दिया गया आश्वासन पूरा किया जाए, अन्यथा इस्तीफा दें। पालकमंत्री बावनकुले को संबोधित संदेश में कहा गया है कि विदर्भ का इस्तेमाल केवल राजनीतिक उद्देश्यों के लिए किया गया है, यह अब और नहीं चलेगा, अगर आप उनके साथ विश्वासघात करते हैं, तो आपको इस्तीफा देना होगा। केंद्रीय मंत्री गडकरी को भी संदेश भेजा गया है, जिसमें कहा गया है कि उन्होंने विदर्भ को न्याय दिलाने का वादा किया था, अब जवाब दें।
अब विदर्भ नहीं तो इस्तीफा विदर्भ समर्थक, जो अब तक नारे लगाकर आंदोलन की ओर ध्यान आकर्षित कर रहे थे, अब आक्रामक रुख अपना चुके हैं। उनका कहना है कि या तो उन्हें अलग विदर्भ मिलेगा या वे मुख्यमंत्री फडणवीस, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले से इस्तीफा दिलवाएंगे। उन्होंने संकेत दिया है कि आंदोलन और भी तीखा होगा और कहा है कि हमें अपने हक का राज्य चाहिए, अगर अभी नहीं तो कभी नहीं।
क्रांति दिवस आंदोलन का मुहूर्त
विदर्भ राज्य आंदोलन समिति पिछले कई वर्षों से अलग विदर्भ के लिए आंदोलन कर रही है। हर साल उनका आंदोलन 1 मई को निर्धारित होता है। अब विदर्भ के कार्यकर्ताओं ने एक बार फिर आंदोलन की तैयारी कर ली है। इसके लिए विदर्भ राज्य आंदोलन समिति ने क्रांति दिवस का समय चुना है। विदर्भ राज्य आंदोलन समिति के सोशल मीडिया पेज पर यह जानकारी प्रसारित की गई है कि 9 अगस्त को सुबह 10 बजे दीक्षाभूमि से संविधान चौक तक एक लंबी पदयात्रा निकाली जाएगी। इस पदयात्रा के माध्यम से विदर्भ के मंत्रियों के इस्तीफे की मांग की जाएगी।











