प्रियंका गांधी ने शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी पर साधा निशाना, बयान कार्यवाही से हटाया गया, सदन में हंगामा
लोकवाहिनी, संवाददाता
नई दिल्ली। लोकसभा में पेपर लीक से जुड़े पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा हुई। विधेयक में 2024 में बने कानून में बदलाव का प्रस्ताव है। केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा इससे पेपर लीक रोकने में मदद मिलेगी। लोकसभा में प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्री बनाने पर भी हंगामा हुआ। संसद के बाहर राहुल गांधी ने कहा कि सरकार ने रेपिस्र की पैरवी करने वाले शख्स को शिक्षा मंत्री बनाया है। यही बात प्रियंका गांधी ने भी लोकसभा में कही, हालांकि उनकी टिप्पणी को सदन की कार्यवाही से हटा दिया गया। सदन में प्रियंका की टिप्पणी के बाद सत्ता पक्ष ने हंगामा किया।
रिजिजू, निशिकांत दुबे और जोशी ने विरोध किया और कहा कि प्रियंका ने जोशी का चरित्र हनन किया। प्रियंका इस बात का सबूत दें और माफी मांगें। प्रियंका गांधी ने भी सदन में प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्री बनाए जाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री ने नया शिक्षा मंत्री चुना, ऐसे व्यक्ति को सत्ता पर आसीन किया जिसने एक गर्भवती महिला के बलात्कारियों की रिहाई को अपनी सहमति दी थी। देश की करोड़ों लड़कियों को प्रधानमंत्री ने क्या संदेश दिया? फिलहाल उस टिप्पणी को लोकसभा की कार्यवाही से हटा दिया गया है। प्रियंका की टिप्पणी के बाद पक्ष और विपक्षी सांसद आमने-सामने आ गए थे। प्रियंका गांधी के इस बयान पर सत्ता पक्ष के सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया। सत्ता पक्ष के लोगों ने प्रियंका गांधी की टिप्पणी का विरोध करते हुए इसे चरित्र हनन करार दिया। संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने प्रह्लाद जोशी पर टिप्पणी को रिकॉर्ड से हटाने की मांग कर दी। प्रह्लाद जोशी भी सदन में खड़े हो गए। उनके साथ-साथ भाजपा सांसद निशिकांत दुबे भी स्पीकर के सामने अपना विरोध जताने लगे।
बढ़ सकता है विवाद
सदन की कार्यवाही के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने स्पीकर के चेंबर्स में जाकर मुलाकात की है। जोशी के साथ केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और निशिकांत दुबे भी मौजूद रहे। माना जा रहा है कि यह मुलाकात प्रियंका के बयान को लेकर हुई है। हालांकि, मीटिंग में क्या चर्चा हुई इससे जुड़ी कोई भी जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है।
प्रह्लाद जोशी ने मांगा सबूत
प्रियंका गांधी के दिए बयान पर केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, प्रियंका जी को अपने बयानों को सही साबित करना चाहिए। जो गलत जानकारी फैलाई जा रही है, उसके बारे में में कार्रवाई होनी चाहिए। क्या कोई कुछ भी कहकर बच सकता है? मैं इन आरोपों का खंडन करता हूं। उन्हें पार्टी से निकाल देना चाहिए और माफी मांगनी चाहिए।
पहले भी होते रहे हैं पेपर लीक: जितेंद्र सिंह
प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बिल प्रस्तुत करते हुए कहा कि परीक्षा को लेकर तरह-तरह की घटनाएं होती रही हैं। पेपर लीक भी होता रहा। यह एक प्रदेश तक सीमित नहीं रहा। अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग पार्टियों की सरकारें रहीं। ऐसा पहले भी होता रहा, सूची लंबी है। उन्होंने 2009 में रेलवे भर्ती बोर्ड की परीक्षा, पश्चिम बंगाल संयुक्त प्रवेश परीक्षा, 2010 में उत्तर प्रदेश में बीएड प्रवेश परीक्षा, 2011 में आल इंडिया इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जाम, 2012 में एम्स दिल्ली का पेपर लीक, तमिलनाडु पब्लिक सर्विस कमीशन पेपर लीक, 2023 में महाराष्ट्र सेकेंडरी सर्टिफिकेट एजामिनेशन जैसी घटनाएं याद दिलाते हैं कि यह सब देखते हुए ही मोदी सरकार ने महसूस किया कि इसके लिए अलग से कानून की आवश्यकता है।
कैमरे का एंगल नहीं, दिल का एंगल बदलना पड़ेगा : प्रियंका
पेपर लीक पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री को कैमरे का एंगल नहीं, दिल का एंगल बदलना पड़ेगा। उन्हें अपने सलाहकार बदल देने चाहिए और यदि सरकार जेन जेड़ का भरोसा वापस जीतना चाहती है तो प्रधानमंत्री को कैमरे का एंगल नहीं, बल्कि दिल का एंगल भी बदलना पड़ेगा। प्रियंका ने कहा कि देश की जनता सरकार से जवाबदेही मांग रही है, लेकिन उसे जवाब नहीं मिल रहा है। प्रियंका गांधी ने शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी पर सदन में जो बयान दिया है उसे उन्होंने स्पीकर दफ्तर में वीडियो क्लिप और आर्टिकल सबमिट करके ऑथेंटिकेट किया है।












