कोल्हापुर की सीमा-वृद्धि होनी ही चाहिए : सीएम फडणवीस
लोकवाहिनी, संवाददाता
कोल्हापुर। मैं रहूं, शिंदे साहेब हों या सुनेत्रा वहिनी हों, हम सभी का प्यार कोल्हापुर पर है। पांढऱ्या-तांबड्यावर भी है, लेकिन कोल्हापुर पर ज्यादा है, अजितदादा का तो इस कोल्हापुर पर विशेष प्रेम था। कोल्हापुरवासियों ने हमें ऐसा आशीर्वाद दिया है कि अब अगर हमने आपका काम नहीं किया, तो हम जैसे कृतघ्न कोई नहीं, इतना भरपूर आशीर्वाद दिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि, हमें कोल्हापुरवासियों ने दिया है। इसलिए इन सभी नेताओं से कहता हूं, कोई चिंता मत करो, इससे पहले भी कोल्हापुर में कभी कमी नहीं पढ़ने दी, आगे भी कोल्हापुर को कमी नहीं पड़ने देंगे, लेकिन इसमें एक बात निश्चित है, मैं भी जाते-जाते एक गेंद डाल देता हूं सीमा-वृद्धि करना बहुत जरूरी है। उन्होंने बताया कि, शहर का विकास करना हो, तो यह जरूरी है। सीमा के बाहर के लोगों की कुछ कठिनाइयां हैं, लेकिन मैं जनप्रतिनिधियों से कहता हूं, 100 प्रतिशत उनकी कठिनाइयां मैं हल कर दूंगा, जो भी कठिनाइयां होंगी उन्हें हल कर दूंगा, ऐसा आश्वासन उन्होंने दिया। चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ, विधायक राजेश क्षीरसागर तथा कोल्हापुर मनपा महापौर रुपाराणी निकम ने कोल्हापुर सीमा-वृद्धि का मुद्दा उठाया था।
मुश्रीफ ने कोल्हापुर सीमा-वृद्धि के विरोध में रहने वाले करवीर के विधायक चंद्रदीप नरके और कोल्हापुर दक्षिण के विधायक अमल महादिक को भी खरी-खोटी सुनाई। दोनों सहयोग करें, ऐसा सीधे उन्होंने मंच से कहा। कोल्हापुर की समस्याएं हल करने के लिए कोल्हापुर मनपा की ओर से विस्तृत मांगों का निवेदन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को मंच से दिया गया। इस बीच, देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि, आज देखिए, हाईकोर्ट आया, अब उस हाईकोर्ट के लिए शेंडा पार्क में 75 एकड़ जगह हम दे रहे हैं। हाईकोर्ट के कारण इस शहर में रोज 20-25 हजार लोग आएंगे इसलिए इस शहर को अधिक योजित हमें करना है। पिछले समय में हाईकोर्ट के लिए शेंडा पार्क में हमने जगह दी, आईटी पार्क कर रहे हैं। बहुत सुंदर कन्वेंशन सेंटर कर रहे हैं। इसलिए ये सभी चीजें हम कर रहे हैं। इसलिए मुझे विश्वास है कि आने वाले समय में आई अंबाईबी के आशीर्वाद से निश्चित रूप से कोल्हापुर शहर के लिए जो-जो विचार हम सभी ने किया होगा, उसे चरणबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए हम पूरी तरह यहां प्रयास करेंगे, यह विश्वास मैं आपको देता हूं, ऐसा उन्होंने कहा। हॉकी स्टेडियम के लिए ‘खेलो इंडिया’ के माध्यम से निधि दी गई है और अधिक निधि की आवश्यकता होने पर वह उपलब्ध कराई जाएगी। कोल्हापुर में भव्य अंतरराष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट स्टेडियम बनाने के लिए जगह उपलब्ध कराई गई है और बीसीसीआई के माध्यम से आधुनिक स्टेडियम बनाया जाएगा। फुटबॉल प्रेमियों के लिए भी आवश्यक खेल सुविधाओं पर जोर देंगे, ऐसा भी उन्होंने कहा।
भारत छोड़ो आंदोलन के स्वतंत्रता सेनानियों की देशभक्ति पीढ़ियों को प्रेरित करती है : फडणवीस
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ‘भारत छोड़ो’ आंदोलन के 84 वर्ष पूरे होने पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए रविवार को कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा दिखाई गई देशभक्ति पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। इस अवसर पर दलीय सीमाओं से परे नेताओं ने स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी। दक्षिण मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में शहीदों के स्मारक पर श्रद्धांजलि देने के लिए स्कूली बच्चे और समाज के हर वर्ग के लोग पहुंचे। महात्मा गांधी ने नौ अगस्त 1942 को मुंबई से ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ की शुरुआत की थी। यह ब्रिटिश शासन के अंत का निर्णायक आह्वान बना और देश के स्वतंत्रता संग्राम में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ। मुख्यमंत्री फडणवीस ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “अगस्त क्रांति दिवस पर हम उन अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हैं, जिनके साहस और दृढ़ संकल्प ने भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान देश की आजादी की राह को और मजबूत किया। देशभक्ति की उनकी विरासत आज भी पीढ़ियों को प्रेरित करती है।” राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शप) प्रमुख शरद पवार ने कहा कि महात्मा गांधी के नेतृत्व में “करो या मरो” के नारे के साथ शुरू हुआ ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ देश के स्वतंत्रता संग्राम में एक निर्णायक चरण साबित हुआ। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में देश के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अपने प्राण न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि लाखें भारतीय इस आंदोलन में शामिल हुए और ब्रिटिश शासन के खिलाफ लड़ाई को तेज किया। कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सकपाल ने भी ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम को निर्णायक गति दी और ब्रिटिश शासन से देश को मुक्त कराने के भारतीय जनता के संकल्प की एक सशक्त अभिव्यक्ति बनकर उभरा।











