कोराड़ी मध्यम सिंचाई परियोजना परिसर की घटना
लोकवाहिनी संवाददाता
बुलढाणा। जिले के मेहकर तहसील के कोराड़ी मध्यम सिंचाई परियोजना परिसर में शनिवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। पानी आपूर्ति योजना के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे में पैर धोने उतरे दो मासूम बच्चों की डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद देऊलगांव माली और लोणार क्षेत्र में शोक का माहौल है।
मृतकों की पहचान आयान राजू शेख (10), निवासी देऊलगांव माली, तहसील मेहकर और आवेद् इब्राहिम शेख (11), निवासी लोणार के रूप में हुई है। दोनों आपस में मौसेरे भाई थे। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल दोनों बच्चों की तलाश शुरू की। शनिवार देर रात करीब 12 बजे मेहकर के मालीपेठ क्षेत्र के युवाओं ने आयान शेख का शव पानी से बाहर निकाला। वहीं दूसरे बच्चे आवेद् का शव रविवार, 9 अगस्त की सुबह निजी बचाव दल की मदद से बाहर निकाला गया।
बताया गया कि पैठण निवासी गोताखोर कृष्णा लक्ष्मण आगळे और माउली आगळे के निजी दल ने रविवार सुबह खोज अभियान चलाकर दूसरे बच्चे का शव बाहर निकाला। जानकारी के अनुसार, आयान और आवेद् शेख आसिफ शेख हुसैन के साथ कोराड़ी बांध क्षेत्र में गए थे। इस परिसर में देऊलगांव माली, सुल्तानपुर और लोणार शहर को पानी उपलब्ध कराने वाली योजनाओं के प्लांट मौजूद हैं। प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, पानी आपूर्ति योजना के काम के लिए ठेकेदार ने करीब 15 बाय 45 आकार का गहरा गड्ढा खोदा था। काम पूरा होने के बाद इस गड्ढे को भरना अथवा उसके आसपास सुरक्षा के लिए घेरा लगाना जरूरी था। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार ने गड्ढे को खुला छोड़ दिया। बांध का पानी इस गड्ढे में जमा हो गया था। पानी की गहराई का अंदाजा नहीं होने के कारण दोनों बच्चे पैर धोने के लिए पानी में उतरे और गहरे पानी में चले गए। उनके साथ मौजूद शेख आसिफ ने तत्काल स्थिति को संभालते हुए एक बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन दोनों बच्चे पानी में डूब गए। हादसे के बाद पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने ठेकेदार पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि गड्ढे के आसपास सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई थी और न ही कोई चेतावनी या सूचना बोर्ड लगाया गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि सुरक्षा के आवश्यक इंतजाम किए गए होते तो यह हादसा टाला जा सकता था।












