मुंबई। पिछले कुछ दिनों से खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से राज्यभर में मिलावटखोरों के खिलाफ जोरदार कार्रवाई की जा रही है। मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ तुकाराम मुंढे ने कार्रवाइयों को निरंतर जारी रखा है। मुंढे के इस धुआंधार काम की फिलहाल राज्य में खूब चर्चा हो रही है। मिलावटी पनीर, मिलावटी दूध, रेस्टोरेंट्स, होटलों में घटिया दर्जे का खाना, स्कूलों में कैंटीन के बाद अब तुकाराम मुंढे ने अपना मोर्चा खाद्यतेल की ओर मोड़ दिया है। तुकाराम मुंढे ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर खाद्यतेल की बिक्री को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं।
अब आगे से खुला खाद्यतेल बेचने पर प्रतिबंध होगा। साथ ही खाद्यतेल को लेकर एफडीए के नियमों की सूची तुकाराम मुंढे ने बताई है। सेफ फूड, सेफ महाराष्ट्र के तहत हम काम कर रहे हैं, अब हम कुछ कंप्लायंस ऑर्डर्स जारी कर रहे हैं। पहले हमने होटल्स, रेस्टोरेंट्स, मिल्क प्रोडक्ट के बारे में ऑर्डर जारी किया था। राज्य के स्कूलों के संबंध में भी कंप्लायंस ऑर्डर जारी किया था। इन सभी का कार्यान्वयन शुरू है। अब ‘सेफ फूड, सेफ महाराष्ट्र’ अभियान का अगला एक महत्वपूर्ण चरण है। इसके संबंध में अगला कंप्लायंस ऑर्डर हम आज से जारी कर रहे हैं।
यह एडीबल ऑयल के (खाद्यतेल) संदर्भ में है, ऐसी जानकारी तुकाराम मुंढे ने दी। खाद्यतेल सभी नागरिकों के घर में होता है। यह खाद्यतेल हमें अलग-अलग पदार्थ बनाने के लिए चाहिए। 2011 के कानून के अनुसार, लाइसेंस होना या रजिस्ट्रेशन होना और फूड प्रोडक्ट के संबंध में जो नियम हैं उनका पालन करना और उसके अनुसार खाद्यतेल का प्रोडक्शन होना और बिक्री करना जरूरी है। पिछले कुछ समय में हमने कुछ जांच की तो कुछ गंभीर मुद्दे हमारे सामने आए हैं।
नियमों का उल्लंघन करने पर अब 7 साल की सजा
खाद्य तेल के उपयोग के नियमों का उल्लंघन करने पर अब 7 साल की सजा हो सकती है। इसके साथ ही भ्रामक विज्ञापनों पर 10 लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके साथ ही तुकाराम मुंढे ने खुला तेल न खरीदने की बड़ी अपील की। इसके साथ ही नागरिकों से खुला तेल न खरीदने की अपील भी उनके द्वारा की गई।
की जो इंडस्ट्री है। उसमें पैकेजिंग हो या लेबल या ब्रांड पर काम करने वाले प्रतिष्ठान। इन सभी के संबंध में हमारे सामने 8 से 10 बातें हैं और इसमें कई खामियां पाई गई हैं। पहली बात यह है कि लाइसेंस नहीं रखने वाले कई लोग हैं। उनके पास लाइसेंस नहीं है, लेकिन वे इस क्षेत्र में काम कर रहे हैं। हालांकि, इसके लिए लाइसेंस अनिवार्य है। जिनके पास लाइसेंस नहीं होगा, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी, ऐसी चेतावनी तुकाराम मुंढे ने दी।
दूसरी बात यह है कि जो खाद्यतेल है, उसमें मिलावट किए जाने के मामले हमारे सामने आए हैं। सरसों के तेल में भी अनधिकृत मिश्रण किए जाने के मामले सामने आए हैं। सिर्फ सरसों का तेल बेचा जा सकता है, लेकिन सरसों के तेल में मिश्रण करके उसे बेचा नहीं जा सकता, ऐसी जानकारी तुकाराम मुंढे ने दी।
इसी तरह तेल का वास्तविक स्रोत और तारीख व लेबलिंग छिपाए जाने की बात सामने आई है। अवधि समाप्त हो चुके तेल को दोबारा बेचने के कुछ मामले सामने आए हैं। खाद्यतेल खुले में बेचा जाता है, यह भी हमारे सामने आया है।













