मुंबई। महाराष्ट्र के जलसंसाधन क्षेत्र में दीर्घ प्रशासनिक और तकनीकी अनुभव रखने वाले डॉ. संजय बेलसरे की महाराष्ट्र सरकार की प्रतिष्ठित महाराष्ट्र इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मेशन (मित्रा) संस्था में सदस्य के रूप में नियुक्ति हुई है और उन्होंने ‘वाटर सेक्टर हेड’ अर्थात जल क्षेत्र, प्रमुख के रूप में नई जिम्मेदारी स्वीकार की है।
जलसंसाधन विभाग के सचिव पद से सेवानिवृत्त होने के बाद भी राज्य के जल प्रबंधन, सिंचाई, जल उपयोग दक्षता और भविष्य की जल योजना के क्षेत्र में उनका अनुभव उपयोगी होने वाला है। डॉ. बेलसरे ने जलसंसाधन विभाग में विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। वे सचिव, लाभक्षेत्र विकास तथा परियोजना समन्वय से संबंधित जिम्मेदारियों पर कार्यरत थे। जलसंसाधन विभाग में लंबे अनुभव के कारण राज्य की सिंचाई परियोजनाओं, लाभक्षेत्र विकास, जल वितरण, जल उपयोग दक्षता, परियोजनाओं की योजना और कार्यान्वयन जैसे विषयों पर डॉ. बेलसरे का विशेष प्रभुत्व है। केंद्र सरकार की सिंचाई योजनाओं की मूल्यांकन प्रक्रिया में भी उनकी भागीदारी रही है, उस समय वे महाराष्ट्र के लिए जलसंसाधन विभाग के राज्यस्तरीय नोडल अधिकारी के रूप में कार्यरत थे।
महाराष्ट्र के सामने आज पानी की उपलब्धता के साथ-साथ पानी का सतत प्रबंधन, सिंचाई दक्षता, पुरानी सिंचाई व्यवस्थाओं का आधुनिकीकरण, मितव्ययिता, नदी जोड़ परियोजनाएं, जल सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन के कारण उत्पन्न होने वाली अनिश्चितता जैसी कई चुनौतियां हैं। ऐसी स्थिति में जलसंसाधन प्रशासन का प्रत्यक्ष अनुभव रखने वाले व्यक्ति की मित्रा में जल क्षेत्र प्रमुख के रूप में हुई नियुक्ति महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
मित्रा राज्य की परिवर्तनकारी नीतियों को दिशा देने वाली संस्था है और विकास के विभिन्न क्षेत्रों में रणनीतिक योजना, नवोन्मेषी समाधान और प्रभावी कार्यान्वयन पर जोर दिया जाता है। जलसंसाधन विभाग और मित्रा ने इससे पहले महाराष्ट्र की बड़ी जल अवसंरचना परियोजनाओं के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी के (पीपीपी) माध्यम से निवेश की संभावनाओं की जांच करने के लिए संयुक्त विचार-विमर्श किया था। इस प्रक्रिया में डॉ. संजय बेलसरे की भी प्रमुख भूमिका रही थी।
नदी जोड़, पीपीपी और बड़ी जल परियोजनाओं में भूमिका
महाराष्ट्र की बड़ी जल अवसंरचना परियोजनाओं के लिए निजी क्षेत्र, वित्तीय संस्थाओं और सरकार के बीच समन्वय स्थापित करने की दिशा में मित्रा और जलसंसाधन विभाग ने इससे पहले चर्चा की है। नदी जोड़ परियोजनाओं, बड़ी सिंचाई अवसंरचना और उनके दीर्घकालीन प्रबंधन के लिए PPP मॉडल पर भी विचार किया गया है। ऐसी चर्चाओं में जलसंसाधन विभाग की ओर से डॉ. बेलसरे शामिल हुए थे।
इसलिए मित्रा में जल क्षेत्र प्रमुख के रूप में उनकी भूमिका केवल प्रशासनिक स्वरूप की न होकर नीति निर्माण, परियोजनाओं का मूल्यांकन, जल उपयोग दक्षता, निवेश, प्रौद्योगिकी का उपयोग और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय के व्यापक स्तर पर रहने की अपेक्षा है।














