नागपुर। जलसंसाधन और पानी की समस्या को लेकर जनज़ागृति बढ़ाने के उद्देश्य से मृदा एवं जलसंसाधन विभाग की ओर से आयोजित ‘महा वॉकैथॉन-वॉक फॉर वॉटर’ उपक्रम को नागपुर में युवाओं का उत्स्फूर्त प्रतिसाद मिला। पूर्व मुख्यमंत्री सुधाकरराव नाईक की जयंती के अवसर पर आयोजित इस वॉकैथॉन के माध्यम से जलसाक्षरता, जलस्रोतों का संरक्षण और पानी का जिम्मेदारी से उपयोग करने का संदेश दिया गया। सिविल लाइन्स स्थित लेडीज क्लब से सुबह छह बजे वॉकैथॉन की शुरुआत हुई। विधायक चरणसिंह ठाकुर और जल विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण महाजन ने हरी झंडी दिखाकर रैली का शुभारंभ किया। इस अवसर पर विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारी, युवा, एनसीसी, एनएसएस, सामाजिक संस्थाएं, शैक्षणिक संस्थाओं के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में शामिल हुए।
पानी रोकें, पानी जमीन में सोखें, पानी बचाएं और देश को समृद्ध बनाएं का संदेश देते हुए विधायक चरणसिंह ठाकुर ने कहा कि भविष्य के जलसंकट से निपटने के लिए जलसाक्षरता समय की आवश्यकता है। प्रत्येक नागरिक को पानी के संरक्षण के लिए अपनी जिम्मेदारी पहचाननी चाहिए। पानी की बर्बादी को रोकने के साथ ही जलस्रोतों के संरक्षण के लिए जनभागीदारी बढ़ाना आवश्यक है। वहीं जल अभ्यासक डॉ. प्रवीण महाजन ने सीमेंट के बढ़ते जंगल के कारण बारिश का पानी बड़े पैमाने पर बह जाने की ओर ध्यान आकर्षित किया। इस पानी को जमीन में उतारकर भूजल स्तर बढ़ाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को प्रयास करना जरूरी है। रेन वॉटर हार्वेस्टिंग केवल सरकारी योजना न रहकर प्रत्येक घर की जरूरत बननी चाहिए। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की दूरदृष्टि से राज्य में जलसंसाधन की मुहिम को अधिक व्यापक बनाने के प्रयास शुरू हैं, और उसमें जनभागीदारी बढ़ाने के लिए ऐसे उपक्रमों की महत्वपूर्ण भूमिका है। सतत विकास के लिए मृदा एवं जलसंसाधन के महत्व को जनमानस में स्थापित करने के साथ ही जलसंवर्धन की जिम्मेदारी प्रत्येक नागरिक की है, यह संदेश वॉकैथॉन के माध्यम से दिया गया।
इस अवसर पर जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. कमलकिशोर फुटाणे, जल अभ्यासक डॉ. प्रवीण महाजन, अधीक्षक अभियंता हनुमंत खटके, कार्यकारी अभियंता विपिन साखरकर, उपविभागीय जलसंसाधन अधिकारी वैभव सोनोने, राजेंद्र श्याम, साबन जयसवाल, श्रीकांत ढोके, वरिष्ठ भूवैज्ञानिक वर्षा माने, जिला परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष चंद्रशेखर चिखले आदि उपस्थित थे। वॉकैथॉन की सफलता के लिए अधीक्षक अभियंता हनुमंत खटके, कार्यकारी अभियंता विपिन साखरकर, सावन जयसवाल, श्रीकांत ढोके और वैभव सोनोने सहित मृदा एवं जलसंसाधन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों ने परिश्रम किया।












